
चंबा। जिला चंबा के करीब 38 प्राइमरी व मिडल स्कूलों की हालत सुधरेगी। स्कूलों की दशा सुधारने के लिए सरकार ने लगभग 86 लाख 67 हजार 219 रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह राशि स्कूलों को प्रोटेक्शन वर्कव बाउंडरी वाल लगाने के लिए दी जाएगी। इसके अलावा अन्य छोटे-मोटे मरम्मत कार्य भी किए जाएंगे। शिक्षा खंड मैहला दो के अंतर्गत प्राइमरी स्कूल ककीयां क ो मरम्मत कार्य के लिए एक लाख 64 हजार रुपये, सराहन को दो लाख 59 हजार व धनाल को एक लाख 57 हजार रुपये मंजूर हुए हैं। इसके अलावा मैहला खंड एक के तहत प्राइमरी स्कूल राख को साढ़े 88 हजार, शिक्षा खंड तीसा के अंतर्गत मिडल स्कूल सनवाल को चार लाख 36 हजार, प्राइमरी स्कूल सनवाल के लिए चार लाख 69 हजार रुपये मंजूर हुए हैं। शिक्षा खंड सुंडला की प्राथमिक पाठशाला गरझिंडू को एक लाख, गैहरा खंड के मिडल स्कूल अनेहड़ को रिपेयर के लिए तीन लाख 15 हजार और प्रोटेक्शन वर्क के लिए नौ लाख 47 हजार की राशि स्वीकृत हुई है। कियाणी खंड के प्राइमरी स्कूल कियाणी को स्कूल भवन के मरम्मत कार्य के लिए चार लाख, चुवाड़ी खंड के प्राइमरी स्कूल भराड़ी को पांच लाख 74 हजार, चंबा खंड के प्राइमरी स्कूल प्रौथा को चार लाख 47 हजार 236 व मिडल स्कूल प्रौथा को चार लाख 99 हजार 717 रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा इसी स्कूल को प्रोटेक्शन वाल के लिए पांच लाख 48 हजार 483 रुपये, प्राइमरी स्कूल सालोह को रिपेयर के लिए चार लाख 47 हजार व सुरक्षा दीवार के लिए चार लाख 50 हजार रुपये की राशि मंजूर हुई है। शिक्षा खंड गैहरा के अंतर्गत आने वाले प्राइमरी स्कूल मरौर को दो कमरों की मरम्मत के लिए छह लाख 30 हजार, खंड तीसा के प्राइमरी स्कूल चचूल को मरम्मत कार्य के लिए चार लाख 29 हजार, मिडल स्कूल झज्जाकोठी को सात लाख 77 हजार और इसी स्कूल को सुरक्षा दीवार के लिए छह लाख 13 हजार 560 रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।
21 स्कूलों को राशि जारी कर दी गई है। इसके अलावा 17 स्कूलों को जल्द बजट मुहैया करवा दिया जाएगा। जिन स्कूलों को बजट जारी हो चुका है, संबंधित स्कूल के मुखिया व एसएमसी सदस्य मरम्मत व निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाएं।
-सुरेंद्र सिंह पठानिया,
उप निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा
बारिश-बर्फबारी से नुकसान
भारी बारिश व बर्फबारी से कुछ स्कूलों की हालत काफी खस्ता हो चुकी है। कई स्कूलों की भवनों की दीवारों में दरारें आ गई हैं तो कई भूस्खलन की चपेट में आए हैं। कुछ स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं।
