
बिलासपुर। चुनाव आयोग के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर जारी किए गए निर्देशों की हथियार लाइसेंस धारक जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। कई हथियार लाइसेंस धारक अपने हथियार जमा करवाने में अपनी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके चलते चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। यहां तक कि लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार जिला में करीब छह हजार लाइसेंस धारक हथियार मालिक हैं। अति संवेदनशील बूथों के हथियार मालिकों और किसी भी अपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हथियार लाइसेंस धारक को हथियार जमा करवाना अनिवार्य है। हथियार मालिकों के लिए हथियार जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति अपना हथियार जमा नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा-188 के तहत मामला भी दर्ज हो सकता है। हथियार मालिक अपने संबंधित थाना में अपना हथियार जमा करवा सकता है। थाने में हथियार जमा नहीं करवाने वाले हथियार मालिक की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर को भेजी जाएगी।
अभी तक करीब सौ ने जमा करवाए हथियार
बिलासपुर। जनपद बिलासपुर में अभी तक करीब सौ हथियार लाइसेंस धारकों ने ही अपने हथियार जमा करवाए हैं। अधिकतर हथियार मालिक इसमें रूचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं, अभी तक हथियार जमा करवाने के लिए अंतिम तारीख निर्धारित नहीं की गई है।
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जिला में धारा-144
बिलासपुर। जिला दंडाधिकारी डा. अजय शर्मा द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2014 के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान करवाने के दृष्टिगत सीआरपीसी की धारा-144 के तहत निर्देश जारी कर जिले में किसी भी प्रकार के आग्नेय शस्त्र, विस्फोटक, तेजधार वाले हथियार लेकर चलने पर पाबंदी लगा गई है। यह आदेश चुनावों के दौरान ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों, सुरक्षा बल, पुलिस, अर्धसैनिक बल तथा होम गार्ड जवानों पर लागू नहीं होंगे।
धारा-188 के तहत दर्ज होगा मामला : एडीएम
बिलासपुर। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी बिलासपुर प्रदीप ठाकुर ने कहा कि जो लोग अपना हथियार जमा नहीं करवाएंगे उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा आईपीसी की धारा-188 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
