
इंडियन बुलेटिन (सवाल से जवाब तक) में राजीव शुक्ला से वीरेन्द्र खागटा द्वारा पूछे गये पांच तीखे सवाल और उनके जवाब
शिमला। बीसीसीआई में उपाध्यक्ष और पूर्व में आईपीएल चेयरमैन रहे राजीव शुक्ला हिमाचल कांग्रेस प्रभारी बनने के बाद रविवार को शिमला पहुंचे। कांग्रेस कार्यालय में उनसे राजनीतिक कम और क्रिकेट से जुड़े सवाल ज्यादा हुए। कारण यह है कि प्रदेश में अन्य मुद्दों पर एचपीसीए मसला भारी पड़ रहा है। राजीव शुक्ला ने सवालों का जवाब बड़ी चालाकी से दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी डिफेंड किया और अनुराग ठाकुर के खिलाफ भी कुछ नहीं बोले। पांच तीखे सवाल और उनके जवाब :
इंडियन बुलेटिन : हिमाचल में यूपीए के काम के बजाय हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का मसला ज्यादा बड़ा हो गया है। बीसीसीआई में अनुराग ठाकुर आपके सहयोगी हैं। क्या कहेंगे?
राजीव शुक्ला : सहयोगी से क्या मतलब? मैं कांग्रेस का जिम्मेदार नेता हूं और वो भाजपा के। जहां तक बीसीसीआई का प्रश्न है, तो वो एक स्पोट्रर्स बॉडी है। हिमाचल में एचपीसीए का विवाद सबजुडिस है, इसलिए इस पर कुछ नहीं कहूंगा।
इंडियन बुलेटिन : आप कहते हैं मसला सबजुडिस है, लेकिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तो हर जनसभा में एचपीसीए पर ही बोल रहे हैं?
राजीव शुक्ला : हिमाचल में राज्य के क्या मसले हैं, यह स्टेट लीडरशिप को देखना है। मैं इस मसले पर कुछ नहीं बोलूंगा। इसके बदले आप यदि कयास लगाना चाहते हैं तो स्वतंत्र हैं।
इंडियन बुलेटिन : एचपीसीए का आरोप है कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने पुलिस सिक्योरिटी नहीं दी, इसलिए इस बार आईपीएल मैच नहीं हुए। इससे पूर्व भी पुलिस सुरक्षा के 2.50 करोड़ प्रदेश सरकार के खर्च हुए थे, जो एचपीसीए या बीसीसीआई ने नहीं चुकाए।
राजीव शुक्ला : ऐसा नहीं है। इस बार आईपीएल मैचों की पुलिस सुरक्षा के लिए मैंने खुद भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बात की थी। उन्होंने 10 मिनट में सारी क्लीयरेंस देने का भरोसा दिया था। लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण इस बार आधे से ज्यादा आईपीएल दुबई में हो रहा है, इस लिए धर्मशाला को भी मैच नहीं मिले। पंजाब की फ्रेंचाइजी के पास इस बार 8 बजाय केवल 4 या 5 मैच भारत में हैं, इसलिए वो सभी मैच चंडीगढ़ में करवाना चाहते हैं। जहां तक पुलिस सुरक्षा पर हुए खर्च की बात है कि ये स्टेट एसोसिएशन और राज्य सरकार के बीच की बात है।
इंडियन बुलेटिन : आपने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम देखा है। अब राज्य सरकार के साथ झगड़े के चलते क्या भविष्य में धर्मशाला को क्रिकेट मैच मिलेंगे?
राजीव शुक्ला : लीगल मसलों को अलग रख दें तो धर्मशाला में वैन्यू बहुत अच्छा है। भविष्य में जब भी कोई शेड्यूल होगा, धर्मशाला को भी मैच मिलेंगे।
इंडियन बुलेटिन : अनुराग ठाकुर बनाम राज्य सरकार की लड़ाई में क्रिकेट का नुकसान हो रहा है। आपको नहीं लगता कि राजनीतिक लोग खेल संगठनों में नहीं होने चाहिए?
राजीव शुक्ला : खेल संगठनों में नेताओं के होने में कोई बुराई नहीं है। राजनीति के लोग दूसरे ग्रह से नहीं आते। वे भी इसी समाज के बीच से होते हैं। शरद पवार, साल्वे जैसे लोगाें ने क्रिकेट के लिए काफी योगदान दिया है। लेकिन यदि कुछ लोग राजनीतिक माइलेज लेने या कुर्सी हथियाने के लिए ये सब करें तो ठीक बात नहीं है।
