
धर्मशाला(आत्मा राम)हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में व्यावसायिक पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। 2009 से शुरू हुए केंद्रीय विश्वविद्यालय में अभी तक एक बार भी कैंपस इंटरव्यू का आयोजन नहीं हुआ है। दरअसल सीयू में प्लेसमेंट ऑफिसर का पद ही सृजित नहीं हो पाया है। मौजूदा समय में प्लेसमेंट ऑफिसर का कार्यभार अन्य विभाग के प्राध्यापक देख रहे हैं। एक हजार करोड़ रुपये के बजट वाली सीयू 2009 से शाहपुर स्थित अपने अस्थायी भवन में शुरू हो गई है, लेकिन पांच साल के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए प्लेसमेंट ऑफिसर के पद को भरना जरूरी नहीं समझा है। सीयू में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों छात्र अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं दिखते। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी इस मुद्दे को लेकर कड़ा संज्ञान लिया है। विद्यार्थी परिषद सीयू की इकाई इस मसले को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी शुरू कर चुकी है। इकाई अध्यक्ष विजय कुमार का कहना है कि यदि केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की इस समस्या की ओर ध्यान नहीं देता है तो परिषद आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को मजबूर होगी।
वहीं, केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. फुरकान कमर का कहना है कि इस मसले पर विचार किया जाएगा।
