
तीसा (चंबा)। शिक्षा खंड तीसा के मिडल स्कूल गदियोग व घेवा में आठ सालों के बाद भी शारीरिक शिक्षक, कला अध्यापकों के पदों को स्वीकृति नहीं दी गई है। दोनों पदों को भरने की स्वीकृति न मिलने से दोनों स्कूलों में ड्राइंग व पीईटी के शिक्षक नहीं है। साथ ही दोनों स्कूलों में चपरासी के पद भी रिक्त हैं। घेवा में स्कूल में 30 व गदियोग में करीब 13 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि गदियोग स्कूल में करीब 35 बच्चे थे। शिक्षक के पद न भरे जाने से बच्चों को मजबूर दूसरे स्कूलों में दाखिला लेना पड़ रहा है। जबकि नियमों के अनुसार इन स्कूलों में कम से कम दो-दो शिक्षक तो होने ही चाहिए थे। दोनों स्कूलों को वर्ष 2006 में अपग्रेड किया गया था। इसके बाद से इन स्कूलों में दोनों विषयों के पदों को स्वीकृति ही नहीं दी गई है। गदियोग और घेवा स्कूल वर्तमान में एक-एक शिक्षक के हवाले हैं। इससे स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई दफा स्कूल में शिक्षकों के पद स्वीकृत करने के बारे में दियोला पंचायत से प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग और सरकार को भेजे जा चुके हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने भी पद स्वीकृत करने के बारे में प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजे हैं। अभी तक इस संदर्भ में कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। स्थानीय साहब सिंह, अशोक नेगी, ज्ञान चंद, सतपाल, देसराज, चुहडूृ राम, विनय कुमार, दिनेश कुमार, विरेंद्र ने बताया कि शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही हैं। लोगों ने सरकार से शिक्षकों के पदों को स्वीकृत करने की मांग की है।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र सिंह पठानिया ने बताया कि इस बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
