मिल्ला गांव में पसरा सन्नाटा, नहीं जले घर में चूल्हे

सतौन (सिरमौर)। टिंबी के समीप हुए बस हादसे के शिकार में सबसे अधिक आधा दर्जन लोग मिल्ला गांव से थे। हादसे के शिकार मृतक अतर सिंह राणा, निशा देवी, खजान सिंह, तपेंद्र, वीर सिंह, भवानो देवी के घर सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। किसी के घर में चूल्हे नहीं जले। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने पति तो किसी ने भाई। कई घरों से देर शाम तक रोने एवं चीखने चिल्लाने की आवाजें आ रही थी। ग्रामीण शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं। वह उन्हें किसी भी तरह का दिलासा दे रहे हैं। मृतकों में से कईयों का देर शाम को अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
अभागी बस में बैठे सोनल, फैलाश दिगवा, मागनल, टैट मिल्ला के ग्रामीणों को बस हादसे में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इन गांवों में भी देर शाम तक सन्नाटा पसरा हुआ था। बस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के दूर दराज के परिजनों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली लोग उनके गांव में सांत्वना देने आ रहे हैं। बस में सवार और पांवटा अस्पताल में उपचाराधीन मागनल गांव के कुंदन सिंह, विनीता, सुमित्रा, यशवंत, शांती देवी एवं बागना गांव निवासी नीलम आदि ने बताया कि उन्हें क्या मालूम था कि जिस बस में वह सफर कर रहे हैं वह कुछ दूरी पर जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगी। कुछ लोग खुद को कोस रहे हैं तो कुछ व्यस्था को। क्षेत्र की सड़कें जर्जर होने के बावजूद भी उनमें सफर करना ग्रामीणों के जीवन की मजबूरी बन गई है।
क्षेत्र के पूर्व विधायक हर्ष वर्धन चौहान एवं शिलाई प्रभारी बृजराज ठाकुर ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की घड़ी में भगवान शोकाकुल परिवार को शक्ति प्रदान करे।

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