दो सौ फीट गहरी खाई में उड़े बस के परखच्चे

सतौन (सिरमौर)। शिलाई के समीप मिल्ला बस हादसे का प्रमुख कारण ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार बताई जा रही है। 37 सीटर बस में पहले तो 65 लोग ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे। ऊपर से बस चालक टाइम टेबिल को लेकर ओवर स्पीड चल रहा था। यात्रियों ने कई दफा ड्राइवर को धीमें गाड़ी चलाने की सलाह दी लेकिन ड्राइवर ने एक न सुनी।
पांवटा अस्पताल में भर्ती 28 वर्षीय कुलदीप पुत्र भगत राम निवासी बसोग ने  बताया कि मिल्ला स्टेशन से जब बस आगे निकली तो खचाखच भरी हुई थी। जितनी सवारी सीटों पर बैठी थी करीब उतनी ही खड़ी थीं। बस की स्पीड भी तेज थी। पीछे से कुछ महिलाओं ने आवाज दी कि भाई धीरे चलो तो चालक ने कहा कि वह लेट हो चुका है। उसे टाइम पर पांवटा पहुंचना है। चालक के यह कहने के बाद सवारी चुप हो गईं। करीब तीन किलोमीटर आगे चिमनोल खड्ड की तराई में एक मोड़ काटते हुए बस एकाएक खाई में जा गिरी। इसमें 18 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
पांवटा के डीएसपी योगेश रोल्टा ने कहा कि चालक की पहचान की जा रही है। पुलिस ने उसके खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है, उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। जबकि आरटीओ सुनील शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि गाड़ी ओवरलोड थी। इसकी अलग से जांच की जा रही है। कुछ सवारियों के पांवटा अस्पताल में बयान भी लिए गए।

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