
मंडी। जिला मंडी में खराब मौसम ने जिंदगी की रफ्तार धीमी कर दी है। पिछले तीन दिन से जारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित चल रहा है। रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में यातायात पर बारिश और बर्फबारी की खासी मार पड़ी है। दर्जनों मार्ग बारिश के चलते ल्हासे गिरने और बर्फबारी से अवरुद्ध चल रहे हैं। इस बीच बाधित रूटों पर निगम की कई बसें भी फंसी हैं, जिससे निगम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। जिले में बर्फबारी और बारिश से बंद हुई सड़कों के बीच मंडी डिपो की ग्यारह, सुंदरनगर की आठ तथा सरकाघाट डिपो की नौ बसें फंसी हुई हैं।
मंडी जिले के ऊंचे क्षेत्रों से लेकर मध्यस्थ और निम्न स्तर तक यात्रियाें को भारी मुश्किलाें का सामना करना पड़ रहा है। मंडी डिपो की बसें शिल्हीबागी-माहूनाग, ज्यूरी-मंडी, शिकावरी-मंडी, जंजैहली, टिप्पर, कुलथनी, परवाड़ा, लौट खजरौण आदि सड़कों पर फंसी हुई हैं। बुधवार को मंडी-रोहांडा रूट बंद हो जाने से सायं चलने वाली मंडी-शांगला बस को भी रूट पर नहीं भेजा गया, वहीं सरकाघाट में करीब पंद्रह रूटों पर यातायात ठप है। सरकाघाट में भ्राड़ी-रोसो, सरकाघाट-रसैणगढ़, सरकाघाट-संधोट, सरकाघाट-जोगिंद्रनगर रूट प्रभावित हुए हैं, जबकि सरकाघाट से शिमला के लिए टुटू तक ही बसें चल रही हैं। बर्फबारी एवं बारिश से प्रभावित सड़कों पर यातायात बहाली के लिए विभाग के प्रयास जारी हैं, मगर लगातार जारी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला राहत कार्य में भी अड़चन पैदा कर रहा है। सरकाघाट में निगम की दो बसें सक्रैणधार, दो बसें टिहरा, दो बसें रिस्सा, दो बसें चैलचौक व बसाही में फंस गई हैं। इससे निगम को प्रतिदिन 50 हजार का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता सरकाघाट एनके शर्मा ने बताया कि मौसम साफ होने पर बंद सड़कों को खोल दिया जाएगा। इधर, आरएम मंडी रघुवीर सिंह ने बताया कि कई बसें बर्फ और बारिश से प्रभावित मार्गों में फंसी हुई हैं। उन्होंने बताया कि मंडी-रोहांडा रूट बंद होने से मंडी-शांगला बस को रूट पर नहीं भेजा जा रहा है
