दो दिन में उमड़े 80 हजार श्रद्धालु

नयनादेवी (बिलासपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में सप्तमी और अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ उमड़ी। नवरात्र पर्व के शुरूआती दिनों में हालांकि मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं जुट पा रही थी। लेकिन, रविवार और सोमवार को यहां भक्तों का ठीक ठाक तांता लगा। दोनों दिन लगभग 80 हजार श्रद्धालुओं ने यहां माथा टेका। उधर, अष्टमी पूजन पर यहां अपने बच्चों के मुंडन संस्कार पूरे करने के लिए भी लोग भारी संख्या में पहुंचे।
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से श्रद्धालुओं ने भी परिवार सहित मां नयना देवी कि पूजा अर्चना की। मां नयनादेवी के प्राचीन हवनकुंड में आहुतियां डालने के लिए खासी भीड़ जुटी। अष्टमी पूजन के लिए उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हुए थे। मान्यता है कि अष्टमी पूजन का विशेष महत्व रहता है। इस दिन भारी संख्या में कन्या पूजन के लिए यहां लोग पहुंचे। कन्या पूजन के साथ कइयों ने अपने बच्चों के मुंडन संस्कार भी मंदिर में विधि विधान के अनुसार करवाए। पुलिस मेला अधिकारी विनोद कुमार और मंदिर अधिकारी राजेंद्र फिस्टा ने बताया कि मेला बेहतर चल रहा है। मां की कृपा से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि सप्तमी और अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की ठीक भीड़ जुटी है। नवमी के दिन भी अच्छी संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है।

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बाबा के दरबार भी पहुंचे हजारों
शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालकनाथ की तपोस्थली शाहतलाई में भी सोमवार को श्रद्धालुओं की ठीक-ठाक भीड़ रही। श्रद्धालुओं के जत्थे भजन-कीर्तन करते हुए शहर से गुजरे तो माहौल भक्तिय हो गया। मेला अधिकारी दमन सिंह ने बताया कि पांच अप्रैल को यहां पहुंचे श्रद्धालु 266684 रुपये का चढ़ावा आया है।

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