
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं में तेंदुए के आतंक पर अंकुश लगाने के लिए वन महकमा अब योजना के तहत कार्य करेगा। इसके लिए घुमारवीं, भराड़ी और झंडूता के रैंज आफिसों से तेंदुओं का डाटा मांगा गया है। सात दिनों के भीतर यह डाटा डीएफओ के पास जमा करवाना होगा। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई करते हुए तेंदुओं का शिकार होगा।
इसके लिए बाकायदा घुमारवीं में एक दिनी कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता नेशनल पार्क शमशी के चीफ अजय श्रीवास्तव ने की। इस कार्यशाला में विभाग की ओर से लोगों को तेंदुए से निजात दिलाने के लिए कार्य करने की रूपरेखा बारे चरचा की गई। वहीं, फिल्ड स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी गई। कार्यशाला में लोगों को तेंदुए से बचने के उपाय भी बताए गए। घुमारवीं उपमंडल में तेंदुए के हमला करने की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। विभाग भी लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। अभी तक आदमखोर तेंदुआ मारा नहीं जा सका है। विभाग द्वारा आयोजित की गई। इस कार्यशाला में डीएफओ बिलासपुर डीआर कौशल, कंजरवेटर बिलासपुर अनिल ठाकुर, नेशनल पार्क शमशी के डीएफओ संजीव कुमार, डीएफओ वाइल्ड लाइफ हमीरपुर संगीता चंदेल, डीएफओ सुंदरनगर हेड र्क्वाटर सुरेंद्र के अलावा आरओ भराड़ी गरजा राम, आरओ झंडूता, भराड़ी रेंज का पूरा स्टाफ उपस्थित था। डीएफओ बिलासपुर डीआर कौशल ने बताया कि रेजं आफिस भराड़ी, घुमारवीं व झंडूता के फिल्ड स्टाफ को तेंदुए के बारे में डाटा इकट्ठा करने के आदेश दिए गए हैं। सात दिनों के भीतर फिल्ड स्टाफ डाटा सौंपेगा। उसके बाद तेंदुए को मारने के बारे में रणनीति बनाई जाएगी। इसी के तहत कार्य किया जाएगा।
