
धर्मशाला(आत्मा राम)प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार देर शाम +1 साइंस का रिजल्ट न निकालने के निर्णय की जानकारी न होने के चलते छात्र सवेरे ही स्कूलों में पहुंच गए। छात्रों ने जहां शुक्रवार की रात धुकधुकी में बिताई, वहीं सुबह होते ही जब स्कूल पहुंचे तो पता चला कि रिजल्ट आज नहीं निकलेगा। छात्रों ने जब समाचार पत्र में पढ़ा तो उन्हें यकीन हुआ। साथ ही छात्रों को झटका भी लगा कि मैथ और केमिस्ट्री के पेपर उन्हें दोबारा देने होंगे। परीक्षा परिणाम घोषित होने की आस में सभी स्कूलों में छात्र सवेरे ही पहुंच गए, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अमूमन छात्रों का दो टूक यही कहना है कि कुछ छात्रों के किए का खामियाजा प्रदेश के सभी छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। यह सरासर गलत है।
क्या कहते हैं छात्र
छात्र अविनाश का कहना है कि विभाग ने इतने दिन निर्णय नहीं लिया और रिजल्ट निकलने से एक दिन पहले निर्णय लेकर छात्रों को बेचैन ही किया है। साहिल का कहना है कि दोबारा पेपरों की टेंशन सताने लगी है। पहले तो पेपर बेहतर हो गए थे, लेकिन अब पता नहीं कैसे होंगे।
संजू का कहना है इतने दिन से विभाग को मामले की जानकारी थी, बावजूद इसके निर्णय लेने में इतना समय लगा दिया। हमारे तो दो महीने से पेपर ही खत्म नहीं हो रहे। अब 16 को पेपर खत्म होंगे और 22 अप्रैल को रिजल्ट निकलेगा।
शिवम कहते हैं कि इस मर्तबा हुई परीक्षाओं ने उलझा कर रख दिया है। कहीं घूमने फिरने का तो समय ही नहीं मिल पाया। अप्रैल माह भी लगभग पूरा परीक्षाओं में चला जाएगा और जमा दो में प्रवेश लेना पड़ जाएगा। छात्रा कार्तिका कहती हैं कि ग्यारहवीं की यह परीक्षाएं उन्हें कभी नहीं भूलेंगी। परीक्षाओं ने मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। दीपिका का कहना है अब दोबारा से केमिस्ट्री और मैथ की तैयारी करनी होगी। इस बार मस्ती करने का तो टाइम ही नहीं मिल पाया।
