
चंबा। मनरेगा की पेमेंट के लिए अब मजदूरों और मनरेगा कार्यों के लिए निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाले सप्लायरोें को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला की 283 पंचायतों को जल्द ईएफएमएस (इलेक्ट्रानिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) से जोड़ा जाएगा। भरमौर और पांगी को छोड़कर 238 पंचायतों को 31 मार्च तक ईएफएमएस सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
जानकारी के अनुसार ईएफएमएस प्रणाली के चालू होने से पेमेंट लटकने का झंझट खत्म हो जाएगा। इस प्रणाली के शुरू होने से कागजी कार्रवाई कम करनी पड़ेगी और मजदूरी का समय पर भुगतान होगा।
पहले क्या थी प्रक्रिया
पहले ब्लॉक को मनरेगा के कार्य की धनराशि मिलती थी, उसके बाद पंचायत के खाते में चेक जाता था और उसके बाद मजदूरी का भुगतान किया जाता था। अब ऐसा नहीं होगा।
अब क्या होगा
डीआरडीए में एक सेंट्रल अकाउंट होगा। इस अकाउंट में स्टेट अकाउंट से जिला के समस्त मनरेगा कार्यों के पैसे डलेंगे और उसके बाद इसी खाते से ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। इससे समय की बचत होगी और कागजी कार्रवाई भी कम होगी।
बीडीओ चंबा मोहन शर्मा ने बताया कि चंबा ब्लाक की 39 में से 17 पंचायतें ईएफएमएस सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। वहीं डीआरडीए पीओ आरपी शर्मा ने बताया कि 31 मार्च तक जिला की 238 पंचायतों को ईएफएमएस से जोड़ा जाएगा। मई माह के अंत तक जिला की 283 पंचायतों को सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
सप्लायर के भी खाते में जाएगी पेमेंट
ईएफएमएस सिस्टम से मनरेगा कार्यों के लिए मैटीरियल सप्लाई करने वाले सप्लायरों को भी समय पर पेमेंट मिलेगी। मनरेगा कार्य के लिए निर्माण सामग्री की सप्लाई देने के बाद बिल मिलते ही ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा और डीआरडीए के सेंट्रल अकाउंट से सीधे सप्लायर के खाते में पेमेंट डलेगी। इससे पहले सप्लायर को काम खत्म होने के बाद पेमेंट का भुगतान किया जाता था।
भ्रष्ट्राचार पर लगेगा अंकुश
ईएफएमएस से भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगेगा और पंचायत प्रधानों की मनमानी भी नहीं चलेगी। कार्य का मस्ट्रोल मिलते ही मजदूरों का मेहनताना एक क्लिक पर उनके खाते में चला जाएगा।
