
रोहड़ू हिमाचल प्रदेश किसान सभा ने शुक्रवार को अपनी विभिन्न मांगो को लेकर रोहड़ू में धरना प्रदर्शन किया। सभा ने रोहडू बाजार से होते हुए एसडीएम कार्यालय कर रैली निकाली तथा एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर जनसभा में किसान सभा रोहड़ू इकाई के अध्यक्ष सुखदेव चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की 90 प्रतिशत जनसंख्या गांव में रहती है। 84 प्रतिशत परिवारों के पास पांच बीघा या इससे कम भूमि है। 70 प्रतिशत लोगों की रोजी रोटी खेती व बागवानी से चलती है। ऐसे में किसानों की कब्जे वाली भूमि से बेदखली की जा रही है। सरकार के कानून व नीतियां किसानों के हितों में नहीं हैं, इसलिए किसान सभा ने मांग उठाई है कि भूमि से किसानों की बेदखली को तुरंत बंद किया जाए। किसानों के कब्जे वाली 25 बीघा तक निजी व अतिक्रमण वाली भूमि को नियमित किया जाए। भूमिहीन किसानों को पांच बीघा भूमि मुफ्त आवंटित की जाए। किसानों के कब्जे वाली भूमि को नियमित करने के लिए सरकार ठोस नीति बनाए। आदिवासी व अन्य वनवासी कानून 2006 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया जाए। कृषि भूमि को गैर कृषि कार्यों के इस्तेमाल के लिए न बदला जाए। जिन किसानों का वनभूमि पर अतिक्रमण है, उन्हें टीडी अधिकारों से वंचित न किया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर रोहडू में रैली निकाली गई तथा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इस मौके पर किसान सभा सचिव राजकमल जिंटा, विद्या देव शर्मा, विद्या नंद, बिहारी लाल चौहान, प्रताप जिंटा, प्रेम चंद, ज्ञानु मल, गोपी नंद शर्मा, आशा देवी, महेंद्र, रामेश्वर चौहान, सुरपा नंद व संजीव नेगी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।
