घराण में न्यायिक प्रक्रिया जान रहे प्रधान, सचिव

शाहतलाई (बिलासपुर)। पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में विकास खंड झंडूता के तहत घराण पंचायत में आठ ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, सहायकों के लिए न्यायिक, सामान्य प्रक्रिया पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है। शिविर की अध्यक्षता झंडूता पंचायत इंस्पेक्टर रतन लाल ने की।
शिविर के पहले दिन सेवानिवृत्त उप निदेशक पंचायती राज विभाग एसआर शर्मा ने अधिनियम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम-1994 की धारा 38 के अधीन ग्राम पंचायत के द्वारा कुछ व्यक्तियों का परीक्षण नहीं किया जाएगा। यदि अभियुक्त को तीन वर्ष या इस से अधिक अवधि के लिए पहले ही किसी कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो या भादंसं 1860 की धारा 379 के अनुसार किसी पंचायत द्वारा पहले ही जुर्माना किया गया है। शर्मा ने कहा कि पंचायत किसी सरकारी सेवक का भी परीक्षण नहीं कर सकेगी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पंचायती राल वित्तीय नियम 2002 के विभिन्न प्रावधानों पर भी विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने पंचायत सचिवों, सहायकों को परामर्श दिया कि वे वित्तीय नियम 73 के अधीन स्टोर स्टाक रजिस्टर का वस्तुगत सत्यापन कम से कम छह माह में एक बार और प्रत्येक वर्ष सदैव अप्रैल में प्रधान द्वारा किया जाना आवश्यक करें। इस अवसर पर प्रधान रत्तनी देवी, जगदीश चंद, कांता देवी, प्यार चंद शर्मा, उपप्रधान ओंकार सिंह चंदेल, मदन लाल, शेर सिंह, सुखलाल, रमेश चंद, सचिव पम्मी देवी, बवीता, अमित कुमार, निक्का राम, अनीता देवी सहित अन्य उपस्थित थे।

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