
बद्दी (सोलन)(निशा)लघु उद्योग भारती की फार्मा विंग की बैठक में फार्मा उद्योग संचालकों को आ रही दिक्कतों पर चर्चा की गई। फैसला लिया कि शीघ्र ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के माध्यम से अपनी मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। बैठक फार्मा विंग के अध्यक्ष राजेश गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई।
उन्होंने कहा कि बीबीएन में 331 फार्मा उद्योग हैं, जिसमें 25 हजार युवाओं को रोजगार मुहैया कराया गया। वर्तमान में उद्यमियों को नए नियमों के उद्योग चलाने के लिए तमाम मंजूरियां केंद्र से लेनी पड़ रही हैं, जिससे लघु उद्यमियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पर तैयार होने वाली दवा की गुणवत्ता की जांच के लिए केमिस्ट के स्टोर की जांच होना जरूरी है।
अब अगर केमिस्ट दवाई को पर्याप्त तापमान पर नहीं रख रहे हैं, तो उसके लिए दवा निर्माता दोषी नहीं होना चाहिए। बैठक में फैसला लिया गया फार्मा विंग का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष पीसी कंसल के माध्यम से केंद्र सरकार से मिलेगा तथा सभी उद्यमी एकजुट हो क र अपनी मांगें रखेंगे इससे यहां पर निवेशकों को कार्य करने दिक्कत न हो।
प्रदेश इकाई का विस्तार
बद्दी। बैठक में प्रदेश इकाई का विस्तार किया गया, एनरोज फार्मा के अनिल कुमार अग्रवाल और निहाल फार्मा केएस आर्य को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कोसमोस फार्मा के मनु जैन, एरियन हेल्थ केयर के रवि जैन और अश्वनी सिंगला को संयुक्त सचिव चुना गया। जबकि राकेश बिहारी गुप्ता और सुरेश गर्ग को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। इस मौके पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश महासचिव एनपी कौशिक, विनोद खन्ना, सतीश सिंगला, रवि जैन, गौतम जैन, राकेश गुप्ता, अनिल अग्रवाल, सुरेश गर्ग, केएस आर्य, डा. विक्रम बिंदल, रणेश ठाकुर आदि ने भाग लिया।
