30 फीसदी पंचायतें फिसड्डी

घुमारवीं (बिलासपुर)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत घुमारवीं की लगभग 30 फीसदी पंचायतें फिसड्डी साबित हो रही हैं। हालांकि ब्लॉक की 40 पंचायतों में पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत 6.47 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है, लेकिन 13 पंचायतें ऐसी है, जहां खर्चा दस लाख रुपये तक भी नहीं पहुंचा। इसका कारणग्रामीणों द्वारा मनरेगा के कार्यों में दिलचस्पी नहीं दिखाना बताया जा रहा है। वर्ष 2013-14 में घुमारवीं ब्लॉक की 40 पंचायतों में 6.47 करोड़ के विकासात्मक कार्य मनरेगा के तहत हुए हैं। औसत देखा जाए तो प्रति पंचायत यह राशि लगभग 16 लाख रुपये बनती है। लेकिन कुछ पंचायतें तो पांच, आठ व दस लाख में ही सिमट गई। इस वजह से इन पंचायतों में रोजगार का लक्ष्य भी पिछड़ गया है। ब्लॉक में कई पंचायतें ऐसी भी है, जहां 30 से 40 लाख की राशि मनरेगा के तहत पंचायत में खर्च की हैं। ब्लॉक में कुठेड़ा में तीस लाख व तल्याणा में 40 लाख की राशि मनरेगा के तहत खर्च की गई है। उधर, घुमारवीं ब्लॉक के बीडीओ अंकुश शर्मा ने बताया कि कुछ पंचायतों में लोगों ने मनरेगा में काम करने के लिए ठीक रुचि दिखाई है। विभाग पैसा उपलब्ध करवा रहा है। जिन-जिन पंचायतों के लोगों व पंचायत प्रतिनिधियों ने काम मांगा उन्हें समय-समय पर पैसा उपलब्ध करवाया गया है।

कहां कितनी राशि खर्ची गई
मनरेगा योजना के तहत मोरसिंघी में 3.72, दाबला में 6.80, तड़ौन में 9.86, पटेर में 4. 27, डंगार में 7.75, कसारू में 9.11, पट्टा में 4.99, गाहर में 5.90, पंतेहड़ा में 8.44, गतवाड़ में 7.80, घुमारवीं में 8.57, लद्दा में 5.32 ओर मैहरी काथला में 5.42 लाख रुपये की राशि ही खर्च की गई है।

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