कानून नहीं, जरूरत सोच बदलने की

धर्मशाला(आत्मा राम)राजकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय धर्मशाला में कॉलेज के महिला विंग, रोटरी क्लब धर्मशाला और इन्नर व्हील क्लब ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर चिन्मय ग्रामीण विकास संगठन की राष्ट्रीय निदेशक पद्मश्री क्षमा मैत्रेय ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने महिलाओं की हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि लड़की पर हिंसा उस समय शुरू हो जाती है, जब वह मां के गर्भ में होती है। हमें महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में कमी लानी होगी। उन्होंने कहा कि समाज में हर तीसरी महिला घरेलू हिंसा की शिकार है। जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी, तब तक घरेलू हिंसा नहीं रुकेगी। जिस घर का पुरुष महिलाओं का सम्मान करता है, उस आशियाने में खुशियों का वास होता है।
इस अवसर पर विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक विमल गुप्ता, कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय लखनपाल, रोटरी क्लब अध्यक्ष डॉ. वाईके डोगरा भी मौजूद रहे। समारोह में विमल गुप्ता ने कहा कि महिलाओं पर हिंसा को लेकर कानून बदलने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अपनी मानसिकता बदलने की आवश्यकता है। इस मौके पर इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष मनोरमा शर्मा व अन्य सदस्यों नेे कॉलेज की वरिष्ठ प्राध्यापक प्रभा गिल को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में किए गए बेहतर कार्यों के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन प्रो. सुरेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक व अन्य स्टाफ मौजूद रहा। इस मौके पर कॉलेज की वुमेन सेल की डाक्टर रश्मि ने भी संबोधन दिया। समारोह के दौरान रोटरी क्लब धर्मशाला ने जेल में बंदी महिला कैदियों के लिए सिलाई मशीन दी। वहीं, इंटक महिला प्रमुख वीना शर्मा की अगुवाई में धर्मशाला के होटल कुनाल में महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें दर्जनों महिलाओं ने भाग लिया।

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