रोहतांग टनल पर खर्च हुए 830 करोड़

मनाली(सरिता) जनजातीय आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने शुक्रवार को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग टनल का दौरा किया। उन्होंने सीमा सड़क संगठन के चीफ इंजीनियर एसपी शर्मा तथा अधीक्षण अभियंता एसके राव, स्ट्रावेग कंपनी के इंजीनियर व्लाडमीर तथा एफकॉन कंपनी के इंजीनियर सुनील त्यागी से निर्माण कार्यों की प्रगति समीक्षा की। चीफ इंजीनियर एसपी शर्मा ने उपाध्यक्ष रवि ठाकुर को अवगत करवाया कि अब तक रोहतांग टनल के दोनों छोरों पर भारत सरकार की ओर से 830 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। टनल बनने तक इसकी अनुमानित लागत दो हजार करोड़ पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि रोहतांग टनल की खुदाई का 4100 मीटर कार्य पूरा कर लिया गया है। लाहौल की ओर से 120 स्थानीय युवाओं को तथा मनाली की ओर से सौ स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने रोहतांग टनल निर्माण में आ रही समस्याओं जैसे मक डंपिंग साइट संबंधित पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र के बारे में अवगत करवाते हुए रवि ठाकुर से वन विभाग, प्रदेश सरकार और भारत सरकार के ध्यान में लाकर समस्याओं को सुलझाने का आग्रह किया। बीआरओ ने मढ़ी, धुंधी, सोलंगनाला व छतडू में मक डंपिंग के लिए प्रदेश सरकार के भू-सर्वेक्षण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिलावाने की भी बात कही। उम्मीद जताई कि सभी परिस्थितियां ठीक रहीं तो रोहतांग टनल 2017 तक बनकर तैयार हो जाएगी। रवि ठाकुर ने कहा कि रोहतांग टनल मामले को भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री, रक्षा सचिव, डीजीबीआर के अलावा उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी टनल निमार्ण में आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। रवि ठाकुर ने बीआरओ अधिकारियों की ओर से उठाई गई समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है।

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भोसा गांव में हो रहे भूस्खलन का मामला वन विभाग के पास आया है। यहां चैकडैम लगाने की योजना को मनरेगा में डाला गया है। इसके अलावा अन्य स्कीमों के तहत भी धन उलपब्ध करवाया जाएगा। पैसा जैसे ही मिलता है काम शुरू किया जाएगा।
संदीप शर्मा डीएफओ पार्वती वन मंडल

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