कर्मचारियों की समस्याओं पर चरचा

रिकांगपिओ (विशेश्वर नेगी) हिमाचल पथ परिवहन निगम की वर्कशाप में जेसीसी के पदाधिकारियों सहित ड्राइवर यूनियन और पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता तकनीकी संगठन के चेयरमैन राजेंद्र ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की वित्तीय हालत का खामियाजा कर्मचारियों कोे भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की वित्तीय लाभ कभी भी समय पर बिना सघंर्ष के नहीं दिए गए हैं। कर्मचारियों को उनके परिवार और समाज से काट कर उनका मानसिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण किया जा रहा है। जेसीसी के पदाधिकारी विद्यासागर ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा करती है तो 11 मार्च को एक दिन की हड़ताल करेंगे। इस अवसर पर पवन कुमार, नवल किशोर, प्रधान ड्राइवर यूनियन रिकांगपिओ, अध्यक्ष लीला चंद, प्रकाश चंद, योगेंद्र महाजन, बाबा सिंह, ईश्वर सिंह सहित परिवहन निगम के लगभग 35 कर्मचारी मौजूद रहे।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
कर्मचारियों की मांगों में परिवहन को रोडवेज बनाना, पेंशन और अन्य भत्तों के लिए बजट में प्रावधान करना, यात्री परिवहन का राष्ट्रीयकरण करना, अवैध संचालन पर रोक लगाना, 48 घंटे के ड्यूटी रोस्टर को समाप्त करना, हर श्रेणी में सरकार की भर्ती नियम अनुसार एक समान वेतन व नियमों पर स्टाफ की कमी को पूरा करना, अनुबंध कर्मचारियों को पांच वर्ष में नियमित करना, 4-9-14 का टाइम स्केल देना, अड्डा कंडक्टर को पंजाब पद्धति पर सब-इंस्पेक्टर का वेतनमान देना और निरीक्षण स्टाफ का नोर्म 0.16 से बढ़ाकर 0.40 करना शामिल है।

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