
सांगला (किन्नौर)(विशेश्वर नेगी) जनजातीय जिला में रिश्वत लेने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आलम यह है कि केवल छह माह में विजिलेंस ने जिला में तीन सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सरकारी अधिकारियों ने यह रिश्वत छोटे-छोटे काम के लिए मांगी है, जो आने वाले समय के लिए चिंता का विषय है।
सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो पूर्व में 2 सितंबर 2013 को आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता अश्वनी कुमार को विजिलेंस ने ठेकेदार से करीब 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत अपने बैंक खाते में डलवाने के आरोप में पकड़ा था। इसके अलावा विजिलेंस ने सुरेश चंद शर्मा गांव कनरारी तहसील और थाना पच्छाद स्थित सराह जिला सिरमौर जो कि काफ नू में बीओ के पद पर तैनात है को निचार खंड के होमते निवासी अनिल कुमार नेगी से डीआर काटने के नाम पर दस हजार कैश और 20 हजार खाते में ट्रांसफर करवाने के आरोप में 3 जनवरी 2014 को डीएसपी विजिलेंस किन्नौर गुरदयाल सिंह की टीम ने गिरफ्तार किया था। अब 3 मार्च 2014 को एक और लोनिवि के एसडीओ सुरेश चंद शर्मा सरकाघाट जिला मंडी को भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। एसडीओ के कमरे से साठ हजार और जेब से 12 हजार रुपये रिश्वत के अलावा और भी बरामद हुए हैं।
इस संबंध में विजिलेंस के डीएसपी गुरदयाल सिंह ने कहा कि इस तरह के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के और अधिकारियों पर भी विजिलेंस की कड़ी नजर है।
