
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। ग्राम पंचायतों के सुस्त रवैये के चलते सांसद निधि से जारी फंड का समय पर इस्तेमाल नहीं होने से गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गांवों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए जनता अपने जन प्रतिनिधियों से लाखों रुपयों के फंड तो स्वीकृत करवा लेती है। लेकिन कई पंचायतों के सुस्त रवैये के चलते यह करोड़ों रुपए खंड कार्यालयों में पड़े हुए हैं। विकास खंड देहरा की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए पांच सांसदों ने करीब 3 करोड़ 21 लाख 96 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। लेकिन अभी तक केवल 1 करोड़ 82 लाख 15 हजार 42 रुपए ही खर्च हो पाए हैं। शेष 1 करोड़ 39 लाख 55 हजार 958 रुपए ब्लाक की तिजोरी की शोभा बढ़ा रहे हैं।
सवाल खड़ा हो गया है कि स्वीकृत बजट को खर्च नहीं करने वाली पंचायतों पर सख्त कदम क्यों नहीं उठाया जाता तथा संबंधित पंचायतों की जवाबदेही निश्चित होनी चाहिए। आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो विकास खंड देहरा के लिए पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर ने 166 विकास कार्यों के लिए अपनी सांसद निधि से रकम जारी की। इसमें से 71 कार्य पूरे हो सके तथा 49 पर काम चल रहा है और शेष 46 पर काम ही शुरू नहीं हो पाया। इसी तरह सांसद शांता कुमार ने भी 24 विभिन्न कार्यों के लिए बजट जारी किया। लेकिन 3 ही पूरे हो सके और एक पर काम चला हुआ है तथा शेष 20 पर काम शुरू नहीं हुआ। सांसद अनुराग ठाकुर ने 49 के लिए बजट जारी किया और 9 पूरे हुए तथा 29 पर काम चला हुआ है। राज्यसभा सांसद विमला कश्यप ने 6 विभिन्न कार्यों के लिए पैसा जारी किया। लेकिन 1 कार्य ही पूरा हो पाया और 1 पर काम चला हुआ है तथा 4 शुरू नहीं हो पाए हैं। सांसद राजन सुशांत ने 47 विकास कार्यों के लिए रकम जारी की। इसमें से 16 ही पूरे हो सके और शेष 30 पर काम चला हुआ है। कुल मिलाकर देखा जाए तो पंचायतों की सुस्ती के चलते गांवों का विकास रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
सांसद स्वीकृत रकम खर्च शेषकार्य स्वीकृत पूरे हुए प्रोग्रेस पर जो शुरू नहीं हुए
राजन सुशांत 5175000 3586820 1588180 47 16 30 0
विप्लव ठाकुर 19746000 11895020 7850980 166 71 49 46
(पूर्व)
अनुराग ठाकुर 3565000 2302771 1262229 49 9 29 11
शांता कुमार 2710000 405431 2304569 24 3 1 20
विमला कश्यप 1200000 25000 950000 6 1 1 4
