
ज्वालामुखी (कांगड़ा)(सीमा वालिया) प्रदेश सरकार के अधीन चल रहे ज्वालामुखी शक्तिपीठ में भाषा विभाग की ओर से मंदिर में नियुक्त कर्मचारियों को वेतन की अदायगी भाषा विभाग नहीं अपितु मंदिर न्यास कर रहा है। अब पूरी प्रक्रिया पर कई सवाल उठने शुरू हो गए हैं। कायदे से भाषा विभाग द्वारा मंदिर में नियुक्त कर्मचारियों को विभाग की ओर से ही वेतन दिया जाना चाहिए, मगर कर्मचारियों को वेतन मंदिर कोष से जारी हो रहा है। विधायक संजय रत्न ने भी इस मामले पर पूरी संजीदगी दिखाते हुए मंदिर प्रशासन से मंदिर कोष से वेतन दिए जाने के आदेशों की डिटेल मंदिर न्यास से उपलब्ध करवाने को कहा है। इस घटनाक्रम के खुलासे के बाद मंदिर प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं। मंदिर अधिकारी अतिरिक्त कार्यभार देवी राम ने माना कि भाषा विभाग की ओर से मंदिर में तैनात कर्मचारियों को वेतन मंदिर कोष से ही दिया जाता है। आदेशों की डिटेल मांगी गई है। सरकार के आदेश सर्वोपरि हैं। इनकी पालना की जाएगी। विधायक संजय रत्न ने कहा कि उनके ध्यान में यह बात सामने आई है कि मंदिर कोष से भाषा विभाग के कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। मंदिर न्यास से आदेशों की पूरी डिटेल मांगी गई है। उसके बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
