
कसौली (सोलन)।(यशपाल) कसौली छावनी परिषद में दुकानें खाली करने के लिए जारी नोटिसों और हिदायतों का विरोध करते हुए शनिवार को कारोबारियों ने बाजार बंद रखा। 28 फरवरी को दुकानें नगर परिषद के अधीन करने का अंतिम दिन था। छावनी अधिकारी और कर्मचारी पुलिस के साथ दुकानों का कब्जा लेने तो पहुंचे, लेकिन सभी दुकानें बंद मिलीं और कारोबारी गायब। कुछ देर इंतजार करने के बाद पुलिस को साथ लेकर छावनी अधिकृत बंद दुकानों पर नोटिस फिर चस्पा दिए गए और जबरन दुकानें खाली करवाने की हिदायत जारी करते हुए कारोबारियों को जल्द दुकानों की चाबियां सुपुर्द करने के लिए कहा। इसकी पुष्टि सीईओ वरुण कालिया ने की है।
28 तक मिले थे दुकानें खाली करने के नोटिस
छावनी प्रशासन ने छावनी के दुकानदारों को दुकानें खाली करने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया था और एक मार्च को प्रशासन के पास चाबियां सौंपने के लिए कहा था। इसमें दो सितंबर को हुई बैठक का हवाला दिया गया।
30 साल बाद होगी नीलामी
छावनी परिषद के पास 50 दुकानें हैं। करीब तीस साल से ये दुकानें नीलाम नहीं हुई हैं। छावनी परिषद की बैठक में इन दुकानों की नीलामी का मुद्दा उठा, जिसके बाद दुकानों को खाली करवाने की कवायद शुरू हुई। यह कवायद अब अंतिम चरण में है।
प्रशासन से मिले कारोबारी
कारोबारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि तीस साल से वे दुकानों में बैठे हैं। परिवार इन्हीं दुकानों के बल पर चल रहा है। यदि दुकानें छीन ली जाएंगी तो सभी बेरोजगार हो जाएंगे और परिवार का निर्वाह करना मुश्किल हो जाएगा। इसके लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। वहीं इस संबंध में कारोबारी जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी मिले।
