900 कामगारों पर बेरोजगारी का संकट

ददाहू (सिरमौर)।(रमेश) रेणुका क्षेत्र में खनन कारोबार को बंद हुए छह माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन खानों के खुलने की आस अभी भी अधूरी है। इसको लेकर पूरे रेणुका क्षेत्र में खनन कारोबार से जुड़े सैकड़ों लोग सरकार से खिन्न होने के साथ-साथ लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने तक का मन बना चुके हैं। एक साथ 9 खानों का संचालन एवं कारोबार बंद होने से क्षेत्र के लोगों को भारी आर्थिक तंगी के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
यहां तक कि खानों पर निर्भर रहकर छोटे-छोटे काम धंधे चलाने वाले लोग भी अपना कारोबार बंद करने की फिराक में है। खनन कारोबार बंद होने से क्षेत्र के 700 से 900 के बीच कामगार प्रभावित हुए हैं जिनके सिर पर बेरोजगारी की तलवार लटक रही है। प्रभावित युवा अनूप शर्मा, पितांबर दत्त, दुर्गा राम, नरेंद्र, निता राम, जनार्दन, इंद्र सिंह एवं खजान सिंह आदि ने बताया कि बीती 24 अगस्त 2013 से रेणुका क्षेत्र में खनन इकाइयां बंद पड़ी हुई हैं। खान मालिकों ने काम के अभाव में उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। प्रदेश सरकार का नजरिया खान मालिकों के प्रति सकारात्मक नहीं है। जबकि खनन व्यवसायी करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार को देते आ रहे हैं।
उधर क्षेत्र के खनन अभियंता डीके सिन्हा ने बताया कि सरकार ने खानों के संचालन को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया। अगस्त माह के अंतिम सप्ताह से ही खानों का कारोबार ठप पड़ा है जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं।

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