
नाहन (सिरमौर)।(दीप राम) नगर परिषद नाहन की ओर से तैयार किए गए 104 करोड़ के स्लम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के शहर की 20 हजार आबादी को मूलभूत सुविधा मिलेगी। नप की ओर से 6 माह पूर्व केंद्र को भेजी गई स्लम एरिया की सूची में परिवर्तन किया गया है। ऐसा हाल ही में कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के नप में विलय होने के बाद किया। जुलाई 2013 में नप ने राजीव आवास योजना के तहत केंद्रीय शहरी एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय भारत सरकार को स्लम एरिया से जुड़ा एक प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए भेजा था। प्रोजेक्ट केंद्र मंजूर करता है तो नाहन शहर की कुछ जर्जर कालोनियां चकाचक हो जाएंगी।
नप सूत्रों के अनुसार शहर के 13 वार्डों में विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए लगभग 104 करोड़ रुपये की एक प्लान केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जड़जा क्षेत्र का कुछ हिस्सा नगर परिषद नाहन में आने के बाद राजीव आवास योजना के लिए स्लम पाकेट एरिया की सूची में संशोधन कर दूसरा प्रारूप बनाकर भेजा जा रहा है।
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शहर में नप के अधीन ये क्षेत्र हैं स्लम एरिया
शहर के सभी 13 वार्डों में से 10 वार्ड स्लम क्षेत्र में आते हैं। केवल वार्ड संख्या-7-8 तथा 9 इससे बाहर हैं। जबकि अन्य सभी वार्ड स्लम एरिया घोषित हैं। यहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। इन वार्डों की 90 फीसदी बाहरी क्षेत्र पूरी तरह से स्लम पाकेट क्षेत्र में आते हैं। नाहन टाउन का मात्र 10 फीसदी मध्य क्षेत्र ही स्लम एरिया से बाहर है। जाहिर है यदि केंद्र से 104 करोड़ की राशि नप को बजट के रूप में मिलती है तो पूरे क्षेत्रों का आमूल चूक विकास होगा।
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क्या सुधार होगा स्लम क्षेत्र में
शहर में भवन व्यवस्था एवं साफ-सफाई को लेकर मूलभूत ढांचा मजबूत किए जाने को लेकर उक्त राशि का प्रयोग होगा। इसके तहत ऐसे क्षेत्रों में मजबूत सीवरेज सिस्टम, दुरुस्त स्ट्रीट लाइट, पक्की सड़कें, नाले, गलियों, पार्क, पार्किंग आदि दुरुस्त तथा ड्रेनेज सिस्टम की मजबूती के साथ नालियों की निकासी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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क्या कहते हैं पार्षद
नप की अध्यक्ष भारती अग्रवाल, उपाध्यक्ष योगेश गुप्ता, पार्षद अशोक विक्रम, संजय गोयल, राकेश गर्ग, अंबरीश कंवर, नीति अग्रवाल, वीरेंद्र अत्री, दलीप सिंह वर्मा, शीला जोशी, ऊषा कौर, रेश्मा, अनीता शर्मा, मधु अत्री, शाबाना चौहान, मनोनीत पार्षद नसीम मोहम्मद दीदान आदि ने कि इससे शहर नाहन का विकास होगा।
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‘‘104 करोड़ का स्लम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को मंजूरी को भेजा गया है। इसमें कुछ संशोधन किया गया है। यह प्रोजेक्ट स्लम एरिया के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।’’
-एसएस नेगी, ईओ नगर परिषद, नाहन
