
धौलाकुआं (सिरमौर)। केंद्रीय योजना, नेशनल मेडिशनल प्लांट के मजदूरों को पिछले 8 माह से वेतन नहीं मिला है। लगभग 40 मजदूरों ने इस योजना के तहत जुलाई 2013 में पौध रोपण किया था। तब से लेकर अब तक इन कामगारों की 3.50 लाख की राशि वन विभाग के पास फंसी है। इसे लेकर मजदूरों ने वन विभाग के प्रति अपना रोष व्यक्त किया है।
मजदूरों का कहना है कि उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजना के तहत वन विभाग में जुलाई 2013 में पौध रोपण का कार्य किया था मगर तब से लेकर अब तक उन्हें इसका मेहनताना नहीं दिया गया। पौध रोपण करने वाले मजदूरों का कहना है कि पिछले 8 माह से वह बेहद आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। जबकि उन्होंने पांवटा वन मंडल के अधीन गुलाबगढ़, कुकड़ो आदि क्षेत्रों में पौधे रोपे थे।
कामगार देवराज, जोगिंद्र सिंह, अल्लाह दत्ता, अली शेर, मोहन आदि ने बताया कि पिछले 8 माह से वह अपने मेहनताने के लिए वन विभाग का दरवाजा खटखटा रहे हैं मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। बढ़ती महंगाई के चलते उनके परिवार का भरण पोषण संकट में पड़ गया है।
उधर इस संबंध में वन मंडल अधिकारी पांवटा आरके पुरी ने बताया कि नेशनल मेडिशनल प्लांट के तहत एक योजना में पौधा रोपण करवाया गया था। इस योजना के तहत शेष बजट राशि आनी बाकी है। उच्च अधिकारियों को बता दिया गया है। जैसे ही बजट आएगा राशि आवंटित कर दी जाएगी।
