
शिमला।(सोनिया) सर्जरी में गलती की एक शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट तलब की है। किन्नौर जिले के पूह में लगे शिविर में लापरवाही की शिकायत की गई है।
शिकायत पत्र के अनुसार यहां कुल 14 ऑपरेशन किए गए थे। पूह निवासी नवांग दोरजे, चांगो निवासी राकेश कुमार और नाको निवासी संजीव कुमार ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भेजे शिकायत पत्र में आरोप लगाए गए हैं कि शिमला के एक निजी अस्पताल ने सीएचसी पूह में एक से 7 दिसंबर के बीच एक चिकित्सा शिविर लगाया था। इसमें लगभग 14 मरीजों के ऑपरेशन किए गए। डाक्टरों की टीम ने पूह, नाको, चाहो, हागो, शलखर, लाभरंग, रिकांगपिओ ब्लॉकों से आए मरीजों के ऑपरेशन किए। जिन मरीजों की सर्जरी की गई, उनमें से कई को दोबारा से आपरेशन करने पड़े। शिकायत के अनुसार तीन छोटे बच्चों की मां विधवा कमला देवी की पत्थरी की सर्जरी के बाद नाजुक हालत होने पर उसे लुधियाना के एक अस्पताल में दोबारा सर्जरी के लिए भेजना पड़ा। वहां उसका लगभग दो माह बाद आठ फरवरी को देहांत हो गया। आरोप है कि चेन्नई से आए अनजान डाक्टरों ने सर्जरी की।
प्रधान सचिव मुख्यमंत्री वीसी फारका ने कहा है कि एक शिकायत मिली है। इसे राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भेज दिया गया है। इस पर रिपोर्ट मांगी गई है। विभाग से रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर आगामी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
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निजी अस्पताल का गलती मानने से इंकार
शिमला। निजी अस्पताल के एक अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मरीज की मौत शिमला में उनके अस्पताल में नहीं, बल्कि लुधियाना के एक अस्पताल में हुई है। कई बार गलती भी हो जाती है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि सर्जरी के बाद मरीज ही ठीक से परहेज न कर पाए हों। उन्होंने अस्पताल की गलती मानने से इंकार किया।
