
शिमला।(वीरेन्द्र खागटा) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कॉलेज के सहायक प्रोफेसर को प्रतिनियुक्ति देने पर बवाल हो गया है। एसएफआई ने ईसी के इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में विरोध रैली करने की चेतावनी दी है। एसएफआई के राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी पुनीत धांटा ने आरोप लगाया कि ईसी ने पहली बार बाहरी शिक्षक को प्रतिनियुक्ति दी है। इसे किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, एबीवीपी के परिसर इकाई उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि विवि के विभिन्न विभागों में 247 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में एक विशेष विभाग में शिक्षक को प्रतिनियुक्ति पर लाना साफ संकेत दे रहा है कि ईसी किसके इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक मंशा को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय में ईसी की विशेष बैठक बुलाई जाती है। अभी तक पिछले कई महीने में विवि प्रशासन ने यही काम किया है। एबीवीपी इसका हर स्तर पर विरोध करेगी। विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि प्रदेश के हर शिक्षण संस्थान में आने वाले समय में इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से विधि विभाग और इक्डोल में भी प्रतिनियुक्ति पर लाए शिक्षकों को वापस भेजने की मांग की है। सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में ईसी के फैसले के खिलाफ धरना दिया जाएगा।
