
शिमला। (वीरेन्द्र खागटा) विजिलेंस ब्यूरो तीन सरकारी निगमों के पूर्व प्रबंध निदेशकों सहित 17 अधिकारियों और कर्मचारियों पर मुकदमा चलाने की तैयारी में है। इसके लिए विजिलेंस ने सरकार से अभियोजन मंजूरी मांगी है। इनके खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामलों की जांच पूरी हो गई है। सरकार से अभियोजन मंजूरी मिलते ही इनके खिलाफ बनाए आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए जाएंगे। विजिलेंस के अनुसार इनमें अधिकतर मामले चिट भर्ती के हैं और अधिकतर आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। विजिलेंस ने कुल आठ अलग-अलग मामलों में अभियोजन की मंजूरी की अनुमति मांगी है। इनमें महिला विकास निगम, एग्रो इंडस्ट्रीज और स्टेट हैंडीक्राफ्ट एंड हैंडलूूम कार्पोरेशन के पूर्व एमडी सहित एक बोर्ड के पूर्व चेयरमैन, एक एसपी, ठियोग के पूर्व कानूनगो और ठियोग के ही पूर्व ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) शामिल हैं। डीसी ऑफिस शिमला में कार्यरत एक पटवारी, सिरमौर के पांवटा में कार्यरत रहे लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, कुल्लू स्थित वन विभाग के दो ब्लॉक ऑफिसर, फारेस्ट गार्ड के खिलाफ भी अभियोजन की मंजूरी मांगी है। बहुचर्चित चिट भर्ती मामले में 59 विभागों में कांग्रेस सरकार के पूर्व कार्यकाल में चिटों के आधार पर 3 हजार से अधिक भर्तियों के आरोप हैं। विजिलेंस ब्यूरो के मीडिया प्रभारी अरविंद कुमार शारदा ने बताया कि आठ मामलों में सरकार से अभियोजन की मंजूरी मांगी है।
