
शिमला।(सोनिया) एचआरटीसी कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन की ओर से लागू किए गए 48 घंटे के ड्यूटी रोस्टर को सिरे से नकार दिया है। रविवार को एचआरटीसी जेसीसी (संयुक्त समन्वय समिति) की ढली कार्यशाला में हुई आपात बैठक में निगम प्रबंधन के खिलाफ आरपार की लड़ाई का फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता चालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जीत राम चौधरी ने की।
जेसीसी के बैनर तले सोमवार को ओल्ड बस स्टैंड में एचआरटीसी कर्मचारी गेट मीटिंग करेंगे। इस दौरान निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जाएगी। जेसीसी के महासचिव (स्थानीय बस सेवा) हाकम सिंह ठाकुर ने बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारी आगामी 11 मार्च को हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के चलते राजधानी शिमला में एचआरटीसी बसों का संचालन नहीं होगा। हड़ताल से पहले निगम कर्मचारी रोजाना एचआरटीसी मुख्यालय (ओल्ड बस स्टैंड) के सामने और ढली कार्यशाला में गेट मीटिंग करेंगे। एचआरटीसी संयुक्त संघर्ष समिति ने हड़ताल में निगम के सभी कर्मचारी संगठनों के सहयोग का दावा किया है। रविवार को आयोजित बैठक में संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष हरी लाल ठाकुर, उपाध्यक्ष नरेश कुमार, उप प्रधान बलदेव सिंह, सह सचिव देवी चंद, राजेश चौहान, प्रकाश चंद, राकेश कुमार, लायक राम, बिहारी लाल, भगत राम, रणजोत सिंह, पवन कुमार, पदम सिंह, देवेंद्र कुमार, कुलवीर सिंह, कुलदीप कुमरा, कुलदीप कुमार, सुदेश कुमार, राजेंद्र ठाकुर, रूप सिंह, मान चंद, ताराचंद, राकेश कुमार और शशिकांत मौजूद रहे।
एचआरटीसी कर्मचारियों की मुख्य मांगें
– एचआरटीसी को तुरंत दिया जाए रोडवेज का दर्जा
– एक साल से लंबित नाइट और ओवर टाइम का हो तुरंत भुगतान
– कमीशन पर रखे गए कर्मचारियों के लिए बने स्थायी पॉलिसी
– कर्मचारियों को तुरंत डीए का भुगतान किया जाए
– समय के अनुसार हो ड्यूटी का आंकलन
