
बिलासपुर। (सोनू शर्मा) कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन एक्सप्रेस हाइवे विस्थापित समिति ने सरकार व फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। समिति ने निर्णय लिया है कि यदि केंद्र व प्रदेश सरकार ने लंबित मांगें जल्द पूरी न की तो सात मार्च को हाथों में काले झंडे उठाकर बिलासपुर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रधानमंत्री, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री व मुख्यमंत्री के पुतले भी फूंके जाएंगे।
रविवार को समिति के अध्यक्ष राम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी तानाशाही पर उतारू हो गई है। किसानों की भूमि व पेड़ों को बेवजह नुकसान पहुंचाया जा रहा है। डंपिंग स्थल चिन्हित किए बगैर ही मनमर्जी से नालों व अन्य स्थानों पर मलबा ठिकाने लगाया जा रहा है। कई स्थानों पर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे संबंधित इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। समझौता केवल कागजों तक ही सीमित है।
बैठक में कहा गया कि सत्ता पक्ष का एक नेता अपने चाटुकारों के माध्यम से कंपनी से अपने लिए काम आवंटित करवा रहा है। विस्थापितों व प्रभावितों को न तो काम मिल रहा है और न ही उनकी मशीनरी या गाड़ियां लगाई जा रही हैं। विस्थापितों के बसाने के लिए उचित कदम न उठाए जा रहे। मुआवजा न देने तक न तो वे जेसीबी मशीनों को अपनी जमीन में घुसने देंगे और न ही पेड़ काटने देंगे। बैठक में समिति के उपाध्यक्ष प्यारेलाल शर्मा, सचिव मदनलाल शर्मा, बालकराम शर्मा, रणवीर, सदाराम व फतेह सिंह समेत बड़ी संख्या में विस्थापित व प्रभावित किसानों ने भाग लिया।
