
शिमला।(वीरेन्द्र खागटा) हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड प्रबंधन ने लोकसभा चुनावों के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले ही कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर कर दिया है। बोर्ड प्रबंधन ने संशोधित ग्रेड पे को लेकर जारी पहले की अधिसूचना में सुधार कर दिया है। इसमें जितना ग्रेड पे कम हो रहा था, उसे पर्सनल पे यानी निजी वेतन के नाम के जारी कर दिया है। मोटे तौर पर यदि किसी कर्मचारी का ग्रेड पे संशोधन के बाद 4300 से कम होकर 3500 हो गया था। इस 800 रुपये के अंतर को बोर्ड प्रबंधन ने पर्सनल पे से पूरा कर दिया है। इससे बोर्ड के 50 वर्गों के लगभग 4000 कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
बोर्ड की ओर से जारी अधिसूचना में ग्रेड पे के अंतर को पर्सनल पे से पूरा किया है। पहले बोर्ड ने संशोधित ग्रेड पे की अधिसूचना जारी की थी। इससे कर्मचारियों के वेतन में काफी कमी हो रही थी। अमर उजाला में प्रमुखता से मामला सामने आने के बाद सरकार ने इस पर रोक लगा दी थी और प्रबंधन को इसमें सुधार के निर्देश दिए थे। बोर्ड की निदेशक मंडल ने बैठक में सर्विस कमेटी के पास मामला भेजा था। अब सर्विस कमेटी के सदस्यों ने कर्मचारियों को ग्रेड पे संशोधित होने के कारण हो रहे नुकसान की भरपाई पर्सनल पे से कर दी है। बोर्ड प्रबंधन की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
राज्य बिजली बोर्ड के निदेशक वित्त अक्षय सूद ने माना कि कर्मचारियों की वेतन विसंगति को सरकार के आदेशानुसार दूर कर दिया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
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सरकार के आदेशानुसार नहीं दी राहत : यूनियन
बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा और महासचिव हीरा लाल वर्मा ने प्रबंधन के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इससे वर्तमान में राहत मिलेगी, लेकिन भविष्य में कर्मचारियों को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने प्रबंधन से सरकार के आदेशानुसार पहले ही तरह ही ग्रेड पे देने का आग्रह किया है।
