
बिलासपुर।(सोनू शर्मा ) उत्तरी भारत के खादी कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा है। हर साल शिवरात्रि पर्व पर मंडी में खादी एवं ग्रामोद्योग की प्रदर्शनी लगती थी। इस साल मेला ग्राउंड में प्लाट नहीं मिलने से प्रदर्शनी नहीं लग रही।
पिछले 12 साल से शिवरात्रि पर मंडी में खादी कारोबारियों को विशेष जगह दी जाती थी। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड मंडी को 80 कारोबारियों के स्टॉल लगाने के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे। खादी बोर्ड ने जिला प्रशासन से मेले में प्रदर्शनी लगाने की अनुमति को 10 फरवरी को आवेदन सौंप दिया था। बोर्ड को मेला कमेटी से मेले में जगह मिलने के पूरे आसार थे। ऐन मौके पर प्लाट नहीं मिला। बिलासपुर में चल रही खादी ग्रामोद्योग आयोग की प्रदर्शनीशुक्रवार को संपन्न हो रही है। उपायुक्त बिलासपुर डा. अजय शर्मा शाम चार बजे इसका समापन करेंगे। बोर्ड ने डोम में स्टॉल लगाने के लिए टेंडर बुलाए थे। 24 को इन्हें ओपन भी कर दिया। अब इसे रद्द कर दिया गया है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड मंडी व बिलासपुर के सहायक विकास अधिकारी पीसी पटियाल ने बताया कि उनके पास उत्तरी भारत के लगभग 80 कारोबारियों के आवेदन मेले में स्टॉल लगाने के लिए आए थे। प्रशासन व मेला कमेटी की तरफ से खादी ग्रामोद्योग को पड्डल मैदान में जगह नहीं मिल पाई। उधर, मंडी जिला के एडीएम पंकज राय ने संपर्क करने पर बताया कि खादी कारोबारियों को सेरी बाजार में स्टॉल लगाने की जगह दी जा रही है। उन्होंने स्वयं ही वहां स्टॉल लेने से इंकार किया।
कारोबारियों में छाई मायूसी
बिलासपुर। बिलासपुर की प्रदर्शनी में आए कारोबारी रशपाल, मनोज कुमार, बीकानेर के सनाही सिंह, देहरादून के अनमोल, ऊना के परविंद्र सहोता, राकेश कुमार, चरणजीत, सौरभ गुप्ता और गुरमीत सिंह पंजाब से इन सभी कारोबारियों का कहना है कि स्टॉल नहीं मिलने से वह मायूस है। वह अपने स्तर पर प्लाट लेकर दुकान खोलने का प्रयास करेंगे। फिर भी जगह नहीं मिली तो वापस लौट जाएंगे।
