फोरलेन विस्थापित समिति ने किया वोट नहीं देने का ऐलान

बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन सड़क के निर्माण पर विस्थापितों ने आपत्ति जताई है। फोरलेन एक्सप्रेस हाइवे प्रभावित एवं विस्थापित समिति का कहना है कि कंपनी जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के बावजूद कार्य कर रही है। बिना औपचारिकता के हो रहे कार्य से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लिहाजा, विस्थापित समिति न केवल खुद लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेगी, बल्कि समस्या से जूझ रहे अन्य ग्रामीणों को भी बहिष्कार करने के लिए जागरूक करेगी।
समिति के प्रधान राम सिंह की अगुवाई में कोठी, कल्लर और पनोह गांवों में बैठकों का आयोजन किया गया। इस दौरान उपप्रधान प्यारे लाल, वित्त सचिव बालक राम, मुख्य सलाहकार जगत राम शर्मा, सदाराम, फतेह सिंह, नितेश चंदेल, समैलदीन, सूबेदार सुरेश समेत कई किसानों ने भाग लिया। बैठकों में कहा गया कि औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही सड़क का कार्य आरंभ किया गया है। किसानों को न तो फील्ड बुक दी गई है और न ही उचित तरीके से निशानदेही हुई है। इससे किसानों की भूमि को नुकसान पहुंच रहा है। मशीनरी, वाहन आदि से गैर विस्थापितों जमीनें भी नष्ट हो रही है।
राम सिंह ने कहा कि विस्थापित परिवारों को रोजगार उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। भूमि को कंपनी तबाह कर रही है। अमरसिंहपुरा में मिट्टी फेंककर नाला बंद किया गया है। पौधे नष्ट हो गए हैं, जबकि एक किसान का घराट भी इसकी भेंट चढ़ गया। कई किसानों की अधिगृहित भूमि से अधिक प्रयोग की जा रही है। उन्होंने कहा सरकार के समक्ष भी यह समस्याएं रखी गई थीं, किंतु कोई समाधान नहीं हो पाया। लिहाजा, चुनाव का बहिष्कार करने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है। अन्य किसानों को भी इस बारे जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो मार्च को बैठक आयोजित कर आगामी संघर्ष की भी रणनीति बनाई जाएगी।

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