
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर में कड़ेदान तो बंटे गए, लेकिन कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना अधर में है। इस योजना को शुरू करने के लिए नगर परिषद ने वार्ड और बाजार में लाखों रुपये खर्च कर कूड़ादान तक बांट दिए थे। इसके बाद यह योजना कुछ माह तक ही चल सकी। इसके बाद नगर परिषद और ठेकेदार के मध्य किसी बात को लेकर विवाद हो गया और योजना आगे नहीं बढ़ सकी। नगर परिषद को भी कूड़ेदान के नाम पर लाखों की चपत लग गई। अब तो आलम यह है कि टेंडर के बाद भी कोई आवेदन नहीं कर रहा है।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद की डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन स्कीम के तहत शहर भर के तमाम घरों, दुकानों और होटलों को कूड़ा रखने के लिए दो कूडे़दान उपलब्ध कराए गए थे। इस दौरान कुछ माह के लिए कूड़ा एकत्रित करने का काम शुरू भी किया गया। लेकिन उसके बाद ठेकेदार ने अपने हाथ खड़े कर दिए। योजना के बंद होने के कारण वार्डों में भी गंदगी फैली है। लोग अपने घरों के बाहर खुले में कूड़ा डाल रहे हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि नगर परिषद ने फिर से टेंडर न लगाए हो। अब तक नप छह बार टेंडर लगा चुकी है। लेकिन किसी भी कंपनी ने आवेदन और ठेकेदार ने काम करने में रुचि नहीं दिखाई है।
इधर, इस बारे में नगर परिषद के अध्यक्ष दीपक सूद का कहना है कि नगर परिषद ने छह बार कूड़ा एकत्रीकरण के लिए टेंडर आयोजित किए थे। लेकिन किसी ने भी आवेदन नहीं किया। इससे के चलते उक्त परेशानी पेश आ रही है।
