
रामपुर बुशहर।(संदीप वर्मा) रामपुर बुशहर के वार्ड नंबर-3 रघुनाथ मोहल्ले में लगी सोना पिघलाने की भट्ठी से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। हाल यह है कि भट्ठी की चिमनी से निकलने वाले जहरीले धुएं और पानी से यहां की पक्की नालियां तक जल चुकी हैं। वहीं यहां रहने वाले बच्चों और लोगों की सेहत पर भी इसका असर पड़ रहा है। वार्ड नंबर-3 निवासी राहुल, रोहित कुमार, देवेंद्र कुमार और रोहित घाघटा का कहना है कि 6-7 वर्षाें से यहां पर रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। सोना पिघलाने वाली भट्ठी से निकलने वाले जहरीले धुएं से आए दिन यहां के लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नगर परिषद की ओर से बनाई गई निकासी नालियों के पत्थर भी जहरीले पानी से गल गए हैं। इससे पता चलता है कि सोना पिघलाने के लिए इस्तेमाल हो रहा तेजाब और सलफ्यूरिक एसिड सहित अन्य केमिकल स्वास्थ्य के लिए कितने घातक हैं। चिमनी से निकलने वाले धुएं से कैंसर, टीबी और फेफड़ों की कई बीमारियां होने का खतरा है। गौर करने वाली बात यह है कि शहर भर की लगभग सभी सोने की दुकानों का सोना यहीं पिघलाया जाता है। वहीं इसके अलावा भी शहर भर में डेढ़ दर्जन से ज्यादा ज्वैलरी की दुकानें हैं। सभी ने छोटी बड़ी वर्कशाप भी रिहायशी क्षेत्र में बनाई हैं। जबकि यह एक आवासीय क्षेत्र है न कि औद्योगिक। लोगों का कहना है कि इस बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन संबंधित विभागों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय बाशिंदों ने तुरंत प्रभाव से इस भट्ठी को यहां से हटाने की मांग की है।
इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता अजीत कुमार नेगी का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर बोर्ड ने भट्टी हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे। मगर बावजूद इसके भट्ठी में सोने पिघलाने का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
