माइक्रो चिप बताएगी पशु मालिक का डाटा

बिलासपुर। प्रदेश पशु पालन विभाग हाईटेक जमाने में हाईटेक तकनीक अपनाएगा। लावारिस पशुओं की बढ़ती जनसंख्या को लेकर पशु पालन विभाग अब टैग मार्क की जगह पर माइक्रो चिप का प्रयोग करेगा। यह एक ऐसी माइक्रो चिप होगी जो सेंसर के माध्यम से पशु मालिक का पूरा डाटा खुद बताएगी। हालांकि, अभी तक पशु पालन विभाग की यह योजना सरकार के पास विचाराधीन है। लेकिन यदि इस योजना को सरकार की स्वीकृति मिली तो किसी के लिए भी पशु छोड़ना आसान नहीं रहेगा।
प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए पशु पालन विभाग द्वारा घर-घर जाकर पशुओं को टैग मार्क लगाए गए थे। पशु मालिक के नाम का पता लगाया जा सके। विभाग की यह योजना भी काफी हद तक सफल रही है। फिर कई लोग इन टैग मार्क को पशु से निकाल कर आसानी से पशुओं को छोड़ते रहे। जिससे पूरी तरह से इस पर अंकुश नहीं लग पाया। अब पशु पालन विभाग ने एक योजना तैयार कर सरकार को भेजी है। योजना के अनुसार पशुओं के पेट में माइक्रो चिप लगाई जाएगी। कोई व्यक्ति अपने पशु को खुला छोड़ता है तो सेंसर के माध्यम से पशु मालिक का नाम आसानी से ट्रेस हो जाएगा। बहरहाल अभी तक मामला सरकार के अधीन विचाराधीन है।
संयुक्त निदेशक आरके दत्ता ने कहा कि अभी तक योजना को सरकार की स्वीकृति नहीं मिली है। यदि स्वीकृति मिल जाती है तो भविष्य में किसी भी व्यक्ति के लिए आवारा पशु छोड़ना आसान नहीं होगा।

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