
नूरपुर (कांगड़ा)। कांगड़ा घाटी की जीवन रेखा पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल लाइन पर जल्द ही कालका-शिमला सेक्शन की तर्ज पर रेल कार दौड़ती नजर आएगी। इस ब्रिटिशकालीन रेलमार्ग को पर्यटन की दृष्टि से उबारने के लिए रेल मंत्रालय ने लग्जरी रेल बस सेवा शुरू करने की योजना को हरी झंडी दे दी है। जल्द ही रेलवे बोर्ड के आला अधिकारियों की मौजूदगी में इस नैरोगेज सेक्शन पर रेल बस का ट्रायल होने के बाद नियमित तौर पर इसे शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल प्रायोगिक तौर पर अभी एक ही डिब्बे वाली रेल कार पठानकोट सेक्शन को मिलेगी, जोकि पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक एक दिन में सिर्फ एक ही बार अप-डाउन करेगी। अगर इस नैरोगेज रेल लाइन पर यह रेल कार सेवा सफल रहती है तो इसकी संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल रेलवे बोर्ड ने कालका-शिमला सेक्शन में खड़ी एक रेल बस को ही ट्रायल के तौर पर कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर चलाने की मंजूरी प्रदान की है। यह नई सेवा पूरी तरह बस के आकार जैसी ही होगी और इसमें यात्रियों के बैठने के लिए 18 से 22 लग्जरी सीटें होंगी। इस रेल कार में सफर करने वाले पर्यटक धौलाधार की पहाड़ियों का नजारा देख सकेंगे। जबकि, नई रेल कार की रफ्तार कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर चलने वाली अन्य रेलगाड़ियों के समान ही 25 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। हालांकि, इसका किराया कांगड़ा सेक्शन पर चलने वाली अन्य यात्री रेलगाड़ियों की तुलना में कुछ फीसदी ज्यादा हो सकता है। वजह है कि रेलवे विभाग ने 1998 में कांगड़ा घाटी रेल को पर्यटन से जोड़ने के लिए कांगड़ा क्वीन के नाम से फर्स्ट क्लास एसी लग्जरी रेल सेवा शुरू की थी, लेकिन किराये में काफी अंतर होने के चलते रेलवे की यह योजना महज डेढ़ से दो साल तक ही चल पाई।
उधर, पठानकोट स्थित रेलवे स्टेशन के अधीक्षक धर्मपाल ने पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज सेक्शन पर रेल बस सेवा शुरू करने की मंजूरी मिलने की पुष्टि की है। बताया कि जल्द ही आला अधिकारियों की मौजूदगी में नई रेल बस का ट्रायल किया जाएगा।
