
ऊना। सीटू से संबंधित मिड डे मील वर्कर यूनियन ने सोमवार को ऊना में जिलाधीश कार्यालय में धरना दिया। जिसमें सरकार की ओर से बजट में उनके लिए कोई भी प्रावधान न करने पर गहरा रोष जताया। मिड डे मील वर्कर यूनियन की जिला प्रधान बलविंद्र कौर, सचिव सुनीता और खजांची अनुराधा के नेतृत्व में चल रहे धरने को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य महासचिव ने डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि मई 2013 में हुए भारतीय श्रम सम्मेलन के फैसलाें को राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार को तुरंत लागू करके सभी मिड डे मिल वर्करों को सरकारी कार्यकर्ता घोषित करना चाहिए। इस सम्मलेन की अध्यक्षता हर वर्ष देश के प्रधानमंत्री करते हैं। जब तक राज्य सरकार इन कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं करती तब तक न्यूनतम वेतन दिया जाए। अगर सरकार इस वर्ग की न्यायोचित मांग को नहीं मानती है तो आने वाले लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ गांव-गांव तथा घर-घर जाकर विरोध करेगी। धरने को सीटू के जिला सचिव गुरनाम सिंह, सीटू के जिला प्रधान ओम दत्ता ने भी संबोधित किया। बाद में मिड डे मिल वर्कर यूनियन की जिला कमेटी ऊना की ओर से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जिलाधीश ऊना के माध्यम से मांगों के संबंधित ज्ञापन भी दिया गया। धरने में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
