तीसरे दिन भी सड़कें बंद, 55 बसें फंसीं

शिमला। जोरदार बर्फबारी के बाद तीसरे दिन भी राजधानी सहित जिले भर की रफ्तार थमी रही। सड़कें बंद होने से जिले में 200 रूट फेल हो गए जबकि हिमाचल पथ परिवहन निगम की 55 बसें अभी भी रास्तों में फंसी हैं। हालांकि एनएच-22 11:00 बजे जबकि लोअर हिमाचल के लिए एनएच-88 (205), राजधानी की कुछ सड़कों को बारह बजे के बाद यातायात के लिए बहाल किया गया। वहीं, संजौली में दिन भर बसें नहीं चल सकीं जबकि ढली-मशोबरा सड़क भी बंद रही। विक्ट्री टनल से लक्कड़ बाजार और संजौली मार्ग पर भी बसें नहीं चल सकीं।
बीते शुक्रवार से बंद राष्ट्रीय उच्च मार्ग बहाल नहीं हो पाया है। छराबड़ा तक सिर्फ छोटी गाड़ियां जा रही हैं। रविवार को मौसम साफ होने के बाद दोपहर बारह बजे के बाद बाईपास, कार्ट रोड में न्यू शिमला, मैहली की ओर बसों की आवाजाही शुरू हुई जबकि निजी बसें दिन भर नहीं चलीं। एनएच-88 (205) पर शिमला से हीरानगर तक बर्फ होने की वजह से दोपहर बारह बजे तक गाड़ियां नहीं चल पाईं। एनएच-22 पर आईएसबीटी से चंडीगढ़ की ओर 11:00 बजे सड़क बहाल हुई। शहर में 11:00 बजे ओल्ड बस स्टैंड से आईएसबीटी के बीच निगम की बसों की आवाजाही शुरू हुई। वहीं, राजधानी की सड़कों में जगह-जगह पर्यटक वाहन फंसे हैं। परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक अनिल सेन ने बताया कि सुबह 12:00 बजे तक सड़कों पर फिसलन की वजह से बसें नहीं चलाई जा सकीं। ऊपरी शिमला का संपर्क राजधानी से कटा हुआ है। रामपुर के लिए दोपहर 12:00 बजे चक्कर, टुटू सड़क बहाल होने पर बसें भेजी जा सकीं। आरएम लोकल देवा सेन नेगी ने बताया कि विक्ट्री टनल से लक्कड़ बाजार, संजौली मार्ग शाम तक बंद रहा। उन्होंने बताया कि यह सड़क अभी सुरक्षित नहीं है।

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