
रामपुर बुशहर। नाथपा-झाकड़ी विस्थापित कल्याण समिति ने मांगों को लेकर शुक्रवार को भारी बारिश और ठंड में झाकड़ी बाजार से लेकर परियोजना गेट तक रैली निकाली। इस दौरान परियोजना प्रबंधन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को समय रहते पूरा नहीं किया तो वे आने वाले लोक सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। वहीं मांगों को लेकर विस्थापितों ने क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया है। पहले दिन अनशन पर जीवा नंद, सलाहकार भगत राम, अनिल रांटा और राकेश मेहता बैठे।
प्रभावितों का कहना है कि परियोजना प्रबंधन ने जिन लोगों की जमीन ली है, उन्हें अभी तक कोई रोजगार नहीं दिया है। उन्होंने मांग कि है कि परियोजना के कुल उत्पादन का एक फीसदी हिस्सा प्रभावितों को नहीं दिया गया है, इसे जल्द से जल्द दिया जाएगा। परियोजना प्रभावितों का कहना है कि लोगों ने न्यायालय के त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार विस्थापितों को जल्द मुआवजे की मांग की है। नाथपा-झाकड़ी विस्थापित कल्याण समिति के अध्यक्ष विशाल मेहता, महासचिव अनिल रांटा, कोषाध्यक्ष भूपेश भंडारी, सलाहकार भगत राम भारती, सुरेंद्र ठाकुर और यशपाल ने बताया कि विस्थापित कल्याण समिति ने अपनी मांगों को लेकर अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार और परियोजना प्रबंधक मांगों को पूरा नहीं करते, आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने परियोजना प्रबधंक पर आरोप लगाया है कि नाथपा-झाकड़ी परियोजना ने 22 साल में किसी भी स्थानीय बेरोजगार युवक को रोजगार नहीं दिया है, जबकि परियोजना विभिन्न कार्यक्रमों में लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन परियोजना प्रभावितों के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। इस आंदोलन में लगभग 350 भाग ले रहे हैं।
