
सोलन। हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट 2014 में जिला सोलन में औद्योगिक विकास एवं पर्यटन से रोजगार को पंख लगाने की पूरी कोशिश की गई है। पंजाब, हरियाणा से सटे औद्योगिक हब में उद्योगपतियों की अधिकांश मांगें पूरी हुई हैं। हालांकि कुछ अधूरी भी रही हैं। इसमें सीएसटी को डेढ़ से एक फीसदी तक करने की मांग हैं। दूसरी तरफ कंडाघाट मेें ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की कवायद को बेहतर ढंग से अमलीजामा पहनाने से पर्यटन उद्योग के निखारने का भरसक प्रयत्न किया गया है। दूसरी तरफ औद्योगिक पैकेज 2003 के बाद बीबीएन में रेल को संभावित प्वाइंट से जोड़ने में राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी। इस परियोजना के लिए 50 प्रतिशत योगदान दम तोड़ रहे उद्योगों के लिए संजीवनी है। इससे तैयार माल और कच्चे माल की ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन में आसानी होगी। जबकि सोलन, परवाणू, दाड़लाघाट के लिए कुछ विशेष नहीं दिया गया है। बीबीएन उद्योग संघ के प्रधान राजेंद्र गुलेरिया एवं उद्योगपति मुकेश कुमार के अलावा ऋषिकेश, राहुल श्रीवास्तव, अंशुल महेश के मुताबिक उद्योगों के लिए बजट काफी अहम है।
जिला सोलन : औद्योगिकीकरण का आंकड़ा (31 दिसंबर 2013 तक )
इंडस्ट्री कुल निवेश रोजगार
5424 11594.40 लाख 108839
यह मिली सौगात
1- मजदूरों की दिहाड़ी 150 से 170 रुपये
2- बद्दी में करीब 147 करोड़ का टूल रूम
3- कंडाघाट में एयरपोर्ट की कवायद तेज
4- बद्दी में रेल लिंक, 50 फीसदी राज्य खर्च
5- बद्दी नालागढ़ में सीवरेज को मंजूरी
बजट से राहत
1. एक्सट्रा हाई ट्रांसमिशन वाले उद्योगों के विद्युत शुल्क में दो फीसदी कटौती, 17 के बजाय 15 फीसदी शुल्क ।
2. मीडियम और लार्ज इंडस्ट्री को 15 फीसदी से 13 और नई यूनिट को पांच सालों के लिए पांच फीसदी और स्माल इंडस्ट्री को सात फीसदी विद्युत शुल्क।
3. 300 हिमाचलियों को रोजगार देने वाले नए उद्योग को पांच सालों के लिए महज दो फीसदी विद्युत शुल्क अदा करना होगा।
4. नए उद्योगों की स्थापना पर केवल 50 प्रतिशत स्टांप शुल्क वसूला जाएगा।
5. नए उद्योगों के लिए भूमि प्रयोग हस्तांतरण शुल्क वर्तमान दर से 50 प्रतिशत घटेगा।
यह प्रक्रिया हुई सरल
1. फ्लोर एरिया रेशो के लिए अब पहला फ्लोर 50 फीसदी से अधिक होगा उपयोग।
2. नए उद्योग स्थापित करने के लिए धारा 118 में सरलीकरण।
3. ई-रिटर्न, ई-कर भुगतान, ई-घोषणा तथा वैधानिक प्रपत्र आनलाइन जारी करना।
4. डीलरों को कर भुगतान सीधे बैंकों को करने की सुविधा मिले।
5. सामान की पूर्ण ई-घोषणा करने वाले ट्रकों को बाहर जाते समय नाकों पर नहीं रुकना होगा।
6. टोल नाकों को आधुनिक अधोसंरचना उपलब्ध करवाने के लिए नीलामी तीन साल की होगी।
बजट से निराशा
1. नौणी विवि के लिए नहीं मिला कुछ विशेष बजट।
2. स्थानीय फसलें टमाटर, शिमला मिर्च के लिए विशेष विपणन योजना नहीं।
3. छोटे उद्योगों को लीज पर दिए प्लाटों की अवधि दस साल नहीं बढ़ी।
4. नहीं मिला युवाओं को सस्ते ब्याज पर ऋण।
5. औद्योगिक पालिसी का बढ़िया सरलीकरण नहीं।
