
सोलन। जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने इसे हत्या रार देते हुए अस्पताल प्रबंधन पर संगीन आरोप लगाए हैं। समय पर प्रसव नहीं करने और इलाज में कोताही बरतने की शिकायत सोलन सदर थाना और चिकित्सा अधीक्षक सोलन को दी है। चिकित्सक अधीक्षक डा. यशवंत वर्मा ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच कमेटी गठित की है। एसएचओ सोलन के मुताबिक शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। चिकित्सा अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई होगी।
परिजनों का आरोप
छह दिन तक तड़पती रही प्रसूता
प्रसूता के पति दलीप कुमार का आरोप है कि शिशु की मृत्यु अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के लापरवाही से हुई है। वह अपनी पत्नी के प्रसव की तिथि से एक दिन पहले अस्पताल पहुंच गए थे। प्रसव की तारीख बीत जाने के बाद छह दिनों तक चिकित्सकों ने कोई सुनवाई नहीं की। पत्नी दर्द से बिलखती रही। छह दिन बाद महिला की हालत और खराब हो गई, तो डाक्टर की अनुपस्थिति में नर्सों ने आपरेशन किया। नवजात की मौत दम घुटने से हो गई। अगर चिकित्सक ध्यान देते तो नवजात सुरक्षित रहता।
अहम सवाल
1 शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि मामला गंभीर था तो चिकित्सकों ने गर्भवती को हॉयर सेंटर रेफर क्यों नहीं किया?
2 शनिवार और रविवार को चिकित्सक ने गर्भवती की जांच नहीं की, मामला गंभीर था, लापरवाही क्यों बरती गई ?
3 अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को प्रसव होना चाहिए था, लेकिन सोमवार को प्रसव नहीं कराया गया?
जांच के बाद होगी कार्रवाई : डा. यशवंत
चिकित्सा अधीक्षक डा. यशवंत का कहना है कि चिकित्सकों की लापरवाही की शिकायत उनके पास पहुंची है। गायनी में कई बार अधिक काम हो जाता। वहीं गायनी में एक ही डाक्टर है। मामले की छानबीन करने के बाद की कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम गठित कर दी गई है।
सख्त कार्रवाई होगी : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि यह गंभीर मसला है। इसमें सीएमओ और एमएस से रिपोर्ट तलब की जाएगी। अगर जांच के दौरान कोई कोताही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
