
सोलन। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित पीड़ित महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कॉल सेंटर के संचालन के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मदन चौहान ने की। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उपायुक्त मदन चौहान ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार से संबंधित सूचना दूरभाष नंबर 108 पर भी दे सकते हैं। कहा कि इस नंबर पर पीड़ितों की सहायता के लिए कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। किसी महिला और बच्चे को किसी व्यक्ति द्वारा धमकियां दी जाती हैं तो वह सैल से संपर्क कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी महिलाएं बच्चे बाल विकास विभाग के नजदीकी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी वर्कर तथा कार्यकर्ता संपर्क कर स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि और पुलिस को स्थल का दौरा कर हर प्रकार की सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
यदि ऐसे बच्चों व महिलाओं को किसी आश्रय की आवश्यकता हो तो उपमंडल में स्थित आश्रय घर में स्थानांतरित किया जा सकता है। प्रत्येक अस्थाई आश्रय घर के रख-रखाव के लिए दो हजार रुपये वार्षिक सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। महिलाओं और बच्चों के लिए प्रति व्यक्ति तीन सौ रुपये की राशि प्रदान की जा रही है।
बैठक में अर्की के एसडीएम एलआर वर्मा, कंडाघाट के एसडीएम सुरेंद्र सानी, तहसीलदार नालागढ़ आरडी हरनोट, पुलिस उप-अधीक्षक दाड़लाघाट विनोद कुमार, एसडीपीओ परवाणू सुशील कुमार, पुलिस उप-अधीक्षक नालागढ़ निश्चिंत सिंह नेगी, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डा एसएल वर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ डा. कुलदीप जसवाल, खंड चिकित्सा अधिकारी चंडी डा. उदय ठाकुर, चिकित्सा अधिकारी डा. मनीषा, डा. मोहिंद्र पाल सिहं, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा, सीडब्लयूसी के अध्यक्ष सुरिंद्र विर्दी, नमीता शर्मा, शालिनी सेठी, सुषमा मुसाफिर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन एचसी शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी नालागढ़ टेक चन्द उपस्थित थे।
