फीस वृद्धि करने पर होगा उग्र आंदोलन

चंबा। प्रदेश में इक्डोल के तहत शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या निरंतर घट रही है। एचपीयू स्थित इक्डोल के सेंटर में 2500-3000 के बीच विद्यार्थी होते थे। इसकी संख्या अब 600-700 के बीच रह गई है। एसएफआई राज्य इकाई के सहस चिव पुनीत धांटा ने कहा कि एचपीयू ने इक्डोल के तहत फीस वृद्धि करने से विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए प्रस्तावित 25 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी कतई सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने विवि प्रशासन और वीसी एडीएन वाजपेयी को चेताया है कि अगर फीस बढ़ोतरी की गई, तो एसएफआई उग्र आंदोलन शुरू करेगी। सह सचिव ने कहा कि विवि प्रशासन आगामी सत्र में 25 प्रतिशत फीस वृद्धि करने जा रहा है। इससे प्रदेश के समस्त छात्र वर्ग पर आर्थिक बोझ बढे़गा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त विद्यार्थी मध्य वर्गीय परिवारों से संबंध रखते हैं। प्रदेश के एकमात्र विवि में अध्ययनरत 90 प्रतिशत विद्यार्थी गरीब तबके से संबंध रखते हैं। अगर ऐसे ही विवि प्रशासन फीस बढ़ाएगा, तो बहुत अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित रह जाएंगे। पुनीत धांटा ने कहा कि विवि के वीसी का विजन 2020 एक ऐसा अभिशाप है, जो यदि सार्थक हो गया तो शिक्षा एक विशेषाधिकार बन कर रह जाएगी। विवि में जानबूझ कर वित्तीय संकट पैदा किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार की गलत नीतियां भी जिम्मेवार हैं। इस दौरान चंबा में एसएफआई के जिलाध्यक्ष सुदेश, सचिव देवेंद्र, रवि व सुमित मौजूद रहे।
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सरकार धड़ाधड़ खोल रही निजी विवि
एसएफआई के राज्य सह सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार तेज रफ्तार से निजी विवि खोल रही है। प्रदेश के एकमात्र सरकारी विवि की सरकार कोई आर्थिक मदद नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि फीस बढ़ोतरी से गरीब तबके के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने से वंचित होंगे। इस माह के अंत में बैजनाथ में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में फीस वृद्धि को वापिस लिए जाने के संबंध में आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

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