स्पीति में सोलर लैंप से कट रहीं सर्द रातें

उदयपुर। यहां के बाशिंदों को बिजली की समस्या से न जाने कब निजता मिलेगी। लोगों आज कल सोलर लैंप के सहारे सर्द रातें काटनी पड़ रही हैं। खास कर स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है।
तापमान में भारी गिरावट के चलते दो मेगावाट की क्षमता वाली रोंगटोंग परियोजना के टरबाइन को चलाने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा, परियोजना के कर्मचारियों को पहले जलाशय में पानी इकट्ठा करना पड़ रहा है। इसके बाद एक-दो घंटे के लिए चार पंचायतों किब्बर, लोसर, रंगरीक और हल के लोगों को बिजली की आपूर्ति करनी पड़ रही है। स्पीति की आठ पंचायतों के लोगों को किन्नौर से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसमें काजा मुख्यालय भी शामिल है। बर्फबारी के चलते किन्नौर की सप्लाई भी तीन चार दिन से बाधित रही। स्पीति घाटी के बाशिंदों का कहना है कि आधुनिक युग के इस दौर में कब तक अंधेर में रात गुजारने को विवश रहें। रांगरिक गांव के पलजोर बौद्ध, ताबो गांव के तनपा बौद्ध, राजेंद्र ,ग्यू के छिमेद, काजा के पदमा तथा तकपा बौद्ध का कहना है कि स्पीति घाटी के लोगों को बिजली की समस्या झेलते-झेलते सदियां बीत गईं। हर सर्दी के मौसम में लोगों को बिजली न होने से परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ता है। हर बार बोर्ड के कर्मचारियों का यही बहाना रहता है कि रोंगटोंग परियोजना को चलाने के लिए पानी की समस्या आ रही है। उन्होंने स्पीति घाटी के लोगों को सुचारु बिजली देने के लिए बोर्ड से मांग की है। उधर, काजा में तैनात बोर्ड के एसडीओ संजय नेगी ने बताया कि रोंगटोंग को चलाने के लिए पानी की समस्या आ रही है। किन्नौर से स्पीति घाटी के लिए रविवार शाम से बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है।

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