
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। शुक्रवार को लाहौल घाटी के लिए प्रस्तावित हेलीकॉप्टर की चौथी उड़ान को फिर रद कर दिया गया। इससे बारिंग और रावा हेलीपैड के यात्रियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि ऐसा उनके साथ भद्दा मजाक तीसरी बार हुआ है। इससे पहले बारिंग की सवारियों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से लिफ्ट करने के लिए उदयपुर हेलीपैड दौड़ाया गया। उस दिन भी बारिंग के लिए की गई उड़ान को रद कर दिया गया था। वहीं, वीरवार को बारिंग और रावा के यात्रियों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने स्तींगरी हेलीपैड से लिफ्ट करना था, लेकिन घाटी में हुई बर्फबारी के चलते यात्री स्तींगरी हेलीपैड नहीं पहुंच पाए। शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने लाहौल घाटी के लिए पवन हंस हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान भुंतर-सिसु-भुंतर के बीच, दूसरी उड़ान भुंतर-तांदीडाईट-स्तींगरी-भुंतर, तीसरी उड़ान भुंतर-जिस्पा-भुंतर के बीच करवाई। चौथी उड़ान भुंतर-बारिंग-रावा-भुंतर के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन यह उड़ान नहीं हो सकी। हेलीपैड से वापस लौटे यात्रियों शेर सिंह, दिनेश, सुरेंद्र, प्रेम राज ने बताया कि उन्हें बर्फ के बीच पैदल चढ़ाई चढ़ कर बारिंग हेलीपैड पहुंचना पड़ा, लेकिन दिनभर इंतजार करने के बाद उन्हें कुल्लू से सूचना मिली कि चौथी उड़ान को रद कर दिया गया है। यात्रियों का कहना है कि बारिंग और रावा हेलीपैड के लिए तीसरी उड़ान की जानी थी, लेकिन वीरवार को नए शेड्यूल के मुताबिक बारिंग और रावा की उड़ान को चौथी उड़ान कर कर दिया। उधर, उड़ान समिति कुल्लू के प्रभारी डॉ. रणजीत सिंह ने बताया कि उड़ान में देरी होने के चलते चौथी उड़ान को रद कर दिया गया है।
