
मंडी। मंडी नागरिक अधिकार मंच की पहल से जनभावनाओं को सामने लाने प्रयास किया है। मंडी की जनता ने सदियों पुरानी मंडी शिवरात्रि की परंपरा को कायम रखते हुए ऐतिहासिक सेरी चानणी में ही सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित करवाने की वकालत की है। हालांकि प्रशासन की सकारात्मक पहल का भी स्वागत किया है। इसमें चौहटा से विक्टोरिया पुल तक वन वे करने। चौहटा बाजार को शनिवार को यातायात मुक्त करने के प्रशासन के फैसले का समर्थन किया है। बंदरों की नसबंदी का भी इस रायशुमारी में लोगों ने समर्थन किया है।
मंडी नागरिक अधिकार मंच के सर्वेक्षण में जनता ने मंडी शिवरात्रि मेले को पड्डल मैदान में करवाने के फैसले का विरोध किया है। लोगों ने परंपरा को कायम रखने की बात है।सांस्कृतिक संध्याओं के लिए ऐतिहासिक सेरी मंच की अलग ही गरिमा है। प्रशासन भले ही ट्रैफिक समस्या का हवाला देकर पड्डल में सांस्कृतिक संध्याएं करवाने का पक्षधर है। लोगों का तर्क है कि सेरी मंच पर राजनैतिक रैलियां की जाती है, उस समय भी वन वे ट्रैफिक व्यवस्था की जाती है। सेरी मंच के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए। जबकि पड्डल मैदान में हर साल स्टेज लगाने के लिए लाखों रुपये मेला कमेटी को खर्च करने पड़ेंगे। जनता के पैसे का इस तरह से दुरुपयोग जायज नहीं है।
मंडी नागरिक अधिकार मंच बुधवार को जिला प्रशासन के समक्ष इस सर्वेक्षण के आधार पर शिवरात्रि महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं को सेरी मंच पर करवाने के बारे में ज्ञापन सौंपा है।
मंच की ओर से शहर की पांच समस्याओं को लेकर जनता की राय के लिए सर्वेक्षण किया गया। इसमें जनता ने शिवरात्रि की सांस्कृतिक संध्याओं को पड्डल के बजाय सेरी मंच पर करवाने की बात की है। इस बारे में मंच प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जनता की भावनाओं से अवगत कराया है।
– हरमीत सिंह बिटटू, अध्यक्ष मंडी नागरिक अधिकार मंच
