
चंबा। ब्लॉक मैहला स्थित सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के विश्राम गृह में परियोजना सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र भरमौर में इस वित्तीय वर्ष में जनजातीय उपयोजना के तहत लगभग 30 करोड़ 43 लाख रुपये की राशि विभिन्न विकासात्मक कार्यों पर खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के विकास में धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को लोगों की समस्याओं सुलझाने में त्वरित कार्रवाई क रने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भवनों, पुलों व सड़क निर्माण कार्यों पर 13 करोड़ रुपये की धन राशि व्यय की जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग में चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भेड़ पालक बीमा योजना और भेड़ पालक समृद्धि योजना के तहत अब तक 300 परिवार लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि भरमौर क्षेत्र में मनरेगा पर अब तक पांच करोड़ 73 लाख रुपये की धन राशि व्यय की गई है। इसके अलावा सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा एक करोड़ 66 लाख व वन विभाग द्वारा एक करोड़ 25 लाख रुपये विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च किए हैं। भरमौरी ने कहा कि अब तक 25 लाख रुपये खर्च करके 3500 बागवानों को विभिन्न स्कीमों के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। इस अवसर पर मुख्य अरण्यपाल एआरएम रेड्डी, डीएफओ भरमौर व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन कार्यवाहक एडीएम एवं एसडीएम जितेंद्र कंवर ने किया। इसके अलावा जनजातीय सलाहकार समिति के सदस्य शुभकरण, बीडीसी चेयरमैन गोबिंद शर्मा और कमलेश ठाकुर मौजूद रहे।
