टांडा में कड़ाके की सर्दी में ठिठुर रहे मरीज

धर्मशाला। कड़कती ठंड में डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में लगे ज्यादातर एसी बंद हैं। कुछ वार्डों को छोड़ तमाम वार्ड अस्पताल में असुविधाओं की हकीकत बयां कर रहे हैं। मरीज तो मरीज अस्पताल की तीसरी मंजिल के ऑपरेशन थियेटर तक के एसी बंद पड़े हैं। थियेटर में चिकित्सकों के लिए गीजर तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में इस संस्थान को एम्स स्तरीय बनाने के दावे फिलहाल हकीकत में बदलते नहीं दिख रहे हैं। कुछ वार्डों में कई तीमारदार अपने बूते हीटर के सहारे सर्दी भगाने का जुगाड़ कर रहे हैं, लेकिन यहां गरीब का तो भगवान ही रखवाला है। अस्पताल में प्रवेश करते ही ईएनटी वार्ड में लगे एसी बंद हैं। शिशु वार्ड का भी कुछ ऐसा ही हाल है। मरीज नाम न छपवाने की शर्त पर कहते हैं कि इतनी ठंड में उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में रजाई और कंबल के सहारे ही वे सर्द रातें काट रहे हैं। लेबर रूम और गायनी जैसे कुछ वार्डों में एसी चल भी रहे हैं। अस्पताल प्रशासन बजट न होने का रोना रोकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। तीमारदार राकेश कुमार, सावित्री देवी, नीलम, और प्रकाश ने बताया कि वार्डों में एसी बंद होने से मरीज ठंड में कांपते हैं। ऐसे में उन्होंने अपने स्तर पर हीटर और गर्म पानी की बोतल की व्यवस्था कर रखी है। जबकि, ठंड में ऑपरेशन के लिए लाए जाने वाले रोगी के साथ साथ सीजेरियन ऑपरेशन के लिए लाई जाने वाली महिलाओं के लिए एसी की सुविधा बेहद जरूरी है।
वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा के एमएस डॉ. दिनेश सूद का कहना है कि समस्या ध्यान में है। अस्पताल प्रशासन जल्द ही एसी दुरुस्त करवा देगा।

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